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आरएसएस स्थापना दिवस : हम ऐसी संस्कृति नहीं चाहते हैं जो विभाजन को चौड़ा करे: मोहन भागवत

आरएसएस स्थापना दिवस : हम ऐसी संस्कृति नहीं चाहते हैं जो विभाजन को चौड़ा करे: मोहन भागवत

दिल्ली। आरएसएस आज अपना 96वें स्थापना दिवस मना रहे है। इस अवसर पर संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मोहन भागवत ने कहा कि हम ऐसी संस्कृति नहीं चाहते हैं जो कि विभाजन को चौड़ा करे, बल्कि हमें ऐसी संस्कृति चाहिए जो राष्ट्र को एक साथ बांधे और प्रेम को बढ़ावा दे। शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को हम स्वतंत्र हुए हमें ये स्वाधीनता रातों रात नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि जिस दिन हम स्वतंत्र हुए उस दिन स्वतंत्रता के आनंद के साथ हमने एक अत्यंत वेदना भी अपने मन में अनुभव की वो दर्द अभी तक गया नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद हमें विभाजन का दर्द मिला। विभाजन की टीस अभी तक नहीं गई है। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ियों को इतिहास के बारे में जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को यह बताया जा सके कि देश के लिए बलिदानियों ने सबकुछ कुर्बान कर दिया।

ड्रग्स से देश को कराया जाए मुक्त.....

युवाओं को नसीहत देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी में नशीले पदार्थ खाने की लत लग रही है। बड़े से लेकर छोड़े तक इस काम में व्यस्त हैं। ऐसे में हमारी कोशिश होनी चाहिए कि किसी भी तरह से देश के युवाओं को ड्रग्स के दायरे से बाहर निकाला जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है।

OTT पर सरकार को नसीहत......

ओटीटी के मामले पर मोहन भागवत ने सरकार को नसीहत दी और कहा कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा का प्रचलन बढ़ा है। बच्चों के हाथ में मोबाइल है और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण नहीं रह गया है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि ओटीटी के लिए सामग्री नियामक ढांचा के तहत हो। सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।

कोरोना पर वार के लिए टोली तैयार.....

कोरोना संक्रमण को लेकर आरएसएस चीफ ने कहा कि भारत ने कोरोना के खिलाफ सबसे अच्छे तरीके से निपटा है। उन्होंने कहा कि कोरोना पहली लहर के दौरान भारत में कोई खास असर नहीं दिखा पाई थी, लेकिन दूसरी लहर ने हमारे कई लोगों को छीन लिया। उन्होंने कहा कि अब तीसरी लहर की भी आशंका है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरएसएस ने गांव-गांव में युवाओं को ट्रेनिंग दी है जिससे वे तीसरी लहर में देश के नागरिकों और कोरोना मरीजों के परिजनों की मदद कर सकें।