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विद्यामितानों को अतिथि शिक्षकों के रूप में नियुक्ति का मुद्दा सदन में गूंजा

 विद्यामितानों को अतिथि शिक्षकों के रूप में नियुक्ति का मुद्दा सदन में गूंजा

इस मुद्दे पर मंत्री टेकाम के जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों ने किया सदन से बहिर्गमन

रायपुर । शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा सदस्यों ने प्रदेश में विद्यामितानों को अतिथि शिक्षकों के रूप में नियुक्ति का मुद्दा जोरशोर से उठाया। इस मुद्दे पर विभागीय मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा दिए गए जवाब को असंतुष्ट होकर भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। 

प्रश्रकाल में आज भाजपा सदस्य डा. कृष्णमूर्ति बांधी ने इससे संबंधित मामला उठाते हुए विभागीय मंत्री से प्रश्र किया कि क्या विद्यामितानों को अतिथि शिक्षकों के रूप में रखा गया है, यदि हां कितने विद्यामितानों नियुक्ति दी गई है। डा. बांधी ने यह भी पूछा कि प्रदेश में 14500 से अधिक से शिक्षकों को नियुक्ति आदेश दिये गये है हां तो कितनों ने पदभार ग्रहण किया है तथा क्या अतिथि शिक्षक, विद्यामितान के लिए कोई व्यवस्था की जा रही है।

इसके जवाब में आदिम जाति विकास मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि वर्ष 2019-20 में 1832 विद्यामितानों को शाला में नियमित शिक्षकों की व्यवस्था होने तक अतिथि शिक्षकों के रूप में कार्य करने का आदेश जारी किया गया है, नियुक्ति नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 14500 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है  पर नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये गये है।  डा. सिंह ने यह भी कहा कि विद्यामितान नहीं बल्कि अतिथि शिक्षक है जिसकी व्यवस्था शाला प्रबंधन की ओर से सुदूर इलाकों के लिए की गई थी। 

भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने इस मामले में कहा कि 14500 शिक्षकों की नियुक्ति कब होगी। दो साल हो गये है विज्ञापन निकले पर नियुक्ति क्यों अटकी हुई है। शिवरतन शर्मा ने भी कहा कि इन पदों पर कब तक नियुक्ति होगी। इसके जवाब में मंत्री डा. टेकाम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रक्रिया धीमी हुई है। सत्यापन प्रक्रिया के बाद नियुक्ति होगी। 

नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने इस मामले में पूरक प्रश्र करते हुए आरोप लगाया कि जो नियुक्तियां हुई है उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। जब आदेश में कहा गया है कि जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होगी उनकी सेवा ली जाएगी, फिर उन्हें वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है।  स्कूल शिक्षा मंत्री डा. टेकाम ने कहा कि कोरोना की वजह से स्कूल बंद है, ऑफलाइन शिक्षा बंद है। इस पर श्री कौशिक ने कहा कि वेतन उन्हें देंगे या नहीं। इस पर मंत्री द्वारा दिए जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।