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यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर को मिली पदोन्नति, डॉ.विवेक चौधरी बनाए गए अधिष्ठाता! तीन और पदोन्नत, डॉ.आदिले काट रहे फरारी

यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर को मिली पदोन्नति, डॉ.विवेक चौधरी बनाए गए अधिष्ठाता! तीन और पदोन्नत, डॉ.आदिले काट रहे फरारी

जनधारा समाचार
रायपुर. चिकित्सा शिक्षा विभाग का एक पदोन्नति आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे विवाद भी निर्मित हो गया है. विभाग ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत चार संचालक-सह-प्राध्यापकों को अधिष्ठाता के पद पर पदोन्नत किया है. इनमें रायपुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉ.विवेक चौधरी, डॉ.पी.के. निगम, डॉ. पी.के. पात्रा तथा राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. रेणुका गहिने शामिल हैं.


इस आदेश के बाद पदोन्नति के बाद डॉ. निगम को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद और डॉ. गहिने को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव का अधिष्ठाता बनाया गया है, वहीं डॉ. पात्रा को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में अतिरिक्त संचालक पदस्थ किया है. डॉ. चौधरी की पदस्थापना को यथावत रखा गया है.

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने दो अन्य प्राध्यापकों की भी नई पदस्थापना की है. शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर में पदस्थ डॉ. वाय.डी. बड़गैंया को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा में प्रभारी अधिष्ठाता और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डॉ. एम.एल. गर्ग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में प्रभारी अधिष्ठाता पदस्थ किया गया है.

डॉ.चौधरी पर यौन उत्पीडन का आरोप
दूसरी ओर इस पदोन्नति आदेश के बाद इसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ विवेक चौधरी कई मामलों में विवादास्पद रहे हैं. आयुष विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने चौधरी पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें परीक्षा प्रभारी के पद से हटा दिया गया था. यह कार्रवाई राज्य महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष किरणमयी नायक के पत्र पर की गई थी. लेकिन अब डॉ.चौधरी को पदोन्नति देकर विभाग क्या संदेश देना चाहता है, समझ से परे है.

डॉ.आदिले फरार हैं

स्वास्थ्य विभाग के पूर्व चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) डॉ. एसएल आदिले के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद वे फरार चल रहे हैं. महिला पुलिस ने डॉ. आदिले के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया है. एक महिला के द्वारा रेप की शिकायत पर डॉ आदिले को सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया था. बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कि डॉ.आदिले की संविदा खत्म कर दी गई है. इधर एसएसपी अजय यादव ने पूरे मामले की जांच महिला पुलिस थाने को सौंप दी थी. बता दें कि बीते दिनों दुष्कर्म पीड़ित महिला ने लिखित शिकायत दी थी. पीड़िता मूलतः कांकेर की रहने वाली है और रायपुर स्थित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत है. महिला के अनुसार 2017 में वह परीक्षा देने के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज गई थी, वहीं कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉ. आदिले से परिचय हुआ था.