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अभियंता दिवस पर भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैय्या को स्मरण कर विद्युत विभाग के इंजीनियरों ने अर्पित किये श्रद्धासुमन

अभियंता दिवस पर भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैय्या को स्मरण कर विद्युत विभाग के इंजीनियरों ने अर्पित किये श्रद्धासुमन


रमेश गुप्ता 

दुर्ग ...छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर  ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र में पदस्थ अभियंताओं द्वारा महान अभियंता भारत रत्न डॉ.मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या के जन्म दिवस 15 सितंबर 2021 को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। कार्यपालक निदेशक  संजय पटेल ने क्षेत्रीय मुख्यालय परिसर में स्थापित डॉ.मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या जी के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर नमन किया। ‘‘कोविड’’ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया गया।

भारतरत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैय्या को नमन करते हुए सभी अभियंताओं ने उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर  संजय पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक और निर्माता के रूप में देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले भारतरत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैय्या को भारत ही नहीं वरन् विष्व के महान प्रतिभाओं में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि महान इंजीनियर सर विश्वेश्वरैय्या द्वारा किये गए महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण रखने के लिए एवं उन अभियंताओं की याद में जिन्होंने देश के उत्थान में अपना योगदान दिया है, प्रतिवर्ष अभियंता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर क्षेत्र में इंजीनियरों ने अपना परचम लहराया है। आज बैलगाड़ी से लेकर रेलगाड़ी, ड्रोन से लेकर सेटेलाइट, पेट्रोल खनन से लेकर अल्ट्रा साउण्ड सोनोग्राफी की मषीन की डिजाइनिंग एवं निर्माण तक के कार्य भी अभियंताओं द्वारा ही संपन्न हो रहें हैं। आधुनिक भारत में गांव एवं षहरों के समग्र विकास के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, बिजली, सड़क, पानी, पुल-पुलियों एवं सिंचाई जलाषयों सहित अधोसंरचना के तमाम विकास एवं निर्माण कार्यो को अभियंता गढ़ रहे हैं। उन्होने समस्त अभियंताओं से उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए अपनी प्रतिभा और क्षमता से जनहित में कार्य करने हेतु आव्हा्न किया। 


  कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) पी.सी.पारधी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए डॉ.मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या द्वारा किये गये अनेक उत्कृष्ठ कार्य हैं, जिनकी सूची काफी लंबी है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्य हैरत में डाल देने वाले होते थे। अतिरिक्त मुख्य अभियंता  एच.के.मेश्राम ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैय्या जी बहुत ही क्रियेटिव इंसान थे, उनके वाक्य ‘‘कार्य जो भी हो लेकिन वह इस ढंग से किया गया होे कि वह दूसरों के कार्य से श्रेष्ठ हो’’ सबके लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम में दुर्ग रीजन में पदस्थ 12 सहायक अभियंताओ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को उनके बेहतर कार्य हेतु उत्कृष्ठ अभियंता सम्मान से नवाजा गया। जिनमें  एस.के.बड़गैया,  धर्मेन्द्र देवांगन,  राहूल सिंह,  अभिषेक राठी,  दीक्षांत चुरेन्द्र,  आनंद सिंह करायत, श्रीमती प्रतिमा दीवान, श्रीमती स्वेता वर्मा,  शिव प्रसाद मंडावी,  हेमंत बारगे,  सिद्धार्थ भवसार एवं श्रीमती थालेश्वरी सोनवानी शामिल है। अधीक्षण अभियंता  एस.आर.बांधे,  ए.के.गौराहा, श्री तरुण ठाकुर,  मनोज राय,  पी.पी.सिंह एवं  सुनील भूआर्य, कार्यपालन अभियंता  आर.के.श्रीवास्तव,  डी.के.भारती,  आर.के.चन्द्राकर,  व्ही.के.डहरिया,  उमेश ठाकुर,  डी.के.रात्रे,  सतीश वर्मा,  टी.एल.सहारे,  ए.के.बिजोरा,  जे.प्रसाद,  कुंजेश श्रीवास, श्रीमती सनीली चौहान, श्रीमती ममता कश्यप, श्रीमती बरखा दुबे,  आर.एन.वर्मा,  सुनील चौहान,  सचेंद्र उइके एवं समस्त सहायक अभियंता  एस.के.बड़गैया,  गुलाब साहू,  मनीश अग्रवाल,  अविनाश दुबे,  राजेन्द्र गिरी,  महेश्वर टंडन,  पी.एल.महेष्वरी,  कौशलेंद्र पांडे,  भूपेश वर्मा,  राजेन्द्र हरमुख, श्रीमती अंजू देसाई, श्री बंजारे,  पी.पलसोकर, श्रीमती अनिता रोही, श्रीमती अनिता सोनी एवं श्रीमती सीमा ढील तथा कनिश्ठ अभियंता श्रीमती श्रद्धा दिल्लीवार, श्रीमती सीमा बघेल,  शोहराब खान,  के.के. देशमुख एवं  के.के.सुनहरे द्वारा डॉ.मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या को नमन कर अभियंता दिवस की बधाई प्रेशित की गई। कार्यक्रम में कोराना संक्रमण के कारण बिछड़े सहायक अभियंता स्व. विकास डे, अन्य इंजीनियर तथा कर्मचारियों को सभी इंजीनियरों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। कार्यक्रम का संचालन  राजेन्द्र हरमुख एवं श्रीमती श्रद्धा दिल्लीवार द्वारा किया गया।