प्रशासन की लापरवाही से दो महीने की जगह एक माह का राशन, शक्कर 20 रुपये किलो

प्रशासन की लापरवाही से दो महीने की जगह एक माह का राशन, शक्कर 20 रुपये किलो

ग्रामीणों ने कहा नहीं है मास्क, पंचायत के सरपंच, सचिव नहीं देते ध्यान 

चंद्र प्रकाश साहू

सूरजपुर/प्रेमनगर, 13 अप्रेल। प्रदेश में लॉक डाउन है,जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परेशानी को देखते हुए ग्रामों में 2 माह का निःशुल्क चावल, नमक के साथ 17 रुपये किलो की दर से 2 किलो शक्कर देने के आदेश जारी किया गया था। किन्तु प्रेमनगर जनपद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम विंध्यांचल, ग्राम बलदेव नगर  में 1 माह का राशन वितरण किया गया है। तो वहीं 1 किलो शक्कर दिया गया जिसे प्रति किलो 20 रुपये की दर ग्रामीणों से पैसा लिया गया है। 

यहां निवासरत ग्रामीण जो कि ज्यादातर अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आते है। ऐसे में विकाशखण्ड के के सम्बंधित विभाग के मिली भगत से शासकिय उचित मूल्य दुकान के संचालक द्वारा केवल एक माह का राशन 3 अप्रेल को बांटा गया है। साथ ही प्रति किलो की दर से 3 रुपये एक्ट्रा रकम ग्रामीणों से शक्कर का लिया गया है। प्रेमनगर के वनांचल क्षेत्र कहे जाने वाले बलदेव नगर, विंध्यांचल जो कि कोरबा जिले का सीमावर्ती क्षेत्र पड़ता है यहां जिले के प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्रो की मॉनिटरिंग लगातार कर रहें है। जिसके बाद भी ग्रामीणों का सुध लेने का समय इनके पास नही है।  

विंध्यांचल ग्राम पंचायत से बलदेव नगर ग्राम पंचायत1 की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। जिसके बाद भी पंचायत की उदासीनता स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्राम बलदेव नगर के ग्रामीणों को विंध्यांचल ग्राम 5 किलोमीटर पैदल चलकर कड़ी धूप में आना पड़ रहा है। ऐसे में कई पंडो, धनुहार जनजाति के ग्रामीण ऐसे भी है जिनके पास सायकल तक उपलब्ध नही हैं। ऐसे में पैदल अपने कंधों पर राशन ले जाने को मजबूर है। 

तिरपन यादव बताते है कि 1 माह का राशन मिला है। जो पूर्ण नि: शुल्क हैं और शक्कर का दर 20 रुपये की दर से खरीदे है। आगे बताते है कि पंचायत के द्वारा किसी तरह से कोई मास्क उपलब्ध नहीं कराई गई है। हमने सब्जी भांजी को लेकर बात की तो बताते है कि शब्जी के लिए कोई सुविधा नही है। 

बिरेन्द्र कुमार यादव बताते है कि 1 माह का चावल मिला है। उन्होंने सेल्स मैन से पूछा की दो माह का सभी जगह मिला है तो आप कैसे कम दे रहे है। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार से आया ही नही है। शक्कर 20 रुपये किलो की दर से पैसे लिए है। इनके 2 बच्चे है। 1 बच्चा जो प्राइमरी स्कुल जाते है। जिन्हें स्कूल से राशन तो मिला है किंतु 1 आंगन बाड़ी जाने वाले बच्चे को रेडू टू ईंट नही मिला है।