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प्रबंधक दूजराम साहू ने किसानों के नाम पर किया जमकर भ्रष्टाचार, कई किसान हुए डिफाल्टर तो कई कर्ज में डूबे , सीईओ राजेंद्र कुमार पर प्रबंधक साहू से मिलीभगत कर संरक्षण देने का आरोप

प्रबंधक दूजराम साहू ने किसानों के नाम पर किया जमकर भ्रष्टाचार, कई किसान हुए डिफाल्टर तो कई कर्ज में डूबे , सीईओ राजेंद्र कुमार पर प्रबंधक साहू से मिलीभगत कर संरक्षण देने का आरोप


प्रबंधक दूजराम साहू ने किसानों के नाम पर किया जमकर भ्रष्टाचार, कई किसान हुए डिफाल्टर तो कई कर्ज में डूबे

सीईओ राजेंद्र कुमार पर प्रबंधक साहू से मिलीभगत कर संरक्षण देने का आरोप

चमन प्रकाश केयर / आज की जनधारा 

रायपुर | छत्तीसगढ के भोले भाले ग्रामीण किसानों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए कैसे मजबूर किया जाता है | इसका ताज़ा उदहारण आज आपको हम बताने जा रहे है, दरअसल में बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण सेवा सहकारी समिति तेलासी पं.क्र.1533 के तात्कालिक प्रबंधक दूजराम साहू ने तेलासी, गैतरा के दर्जनों किसानों से कूट रचना कर धोखाधड़ी करने का मामला उजागर हुआ है | जिसमें प्रबंधक दूजराम साहू के पास किसानों ने लाखों रूपये का कर्ज पटाया था जिसे प्रबंधक साहू ने बड़े ही शातिर तरीके से किसानों के खाते के नाम पर ज़मा पर्ची दे तो दी, लेकिन उनके खातों में पैसा ज़मा नही किया | इसके चलते कई किसानों को खेती के लिए बैंक से ऋण नही मिला और वह किसान डिफाल्टर घोषित हो गये | वहीं एक दुसरे मामले में प्रबंधक साहू ने दर्जनों किसानों के खाते में फर्जी तरीके से यूरिया खाद को अधिक दाम में बेचने का मामला भी सामने आया है | अब पीड़ित किसानों ने जिले के कलेक्टर डोमन सिंह और सहकारिता विभाग के सहायक पंजीयक अधिकारी उमेश गुप्ता से न्याय की गुहार लगाई है |


सीईओ मेहर ने इस वर्ष नही बटवाया डिमांड नोटिस :- दरअसल वित्तीय वर्ष 2021-22 में सहकारिता विभाग तेलासी के तात्कालिक समिति प्रबंधक दुजराम साहू ने किसान श्रीराम बेलदार, चौबीसराम पटेल, पुष्पा कुर्रे, सुरेन्द्र मांडले, रोहित पटेल, सहित कई किसानों के खाते में अधिक का राशि का कर्ज चढ़ाकर यूरिया खाद को किसानों के पास ही महंगे दामों में बेचा गया | वहीं विभाग के अधिकारी एवं समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मेहर पर भी भ्रष्टाचार करने एवं प्रबंधक साहू से मिलीभगत कर खाद से होने वाली आय को लेन- देन करने का आरोप लगा है | इसके अलावा किसानों को प्रतिवर्ष शासन द्वारा कर्ज का डिमांड नोटिस बटवाने का आदेश रहता है उसे भी सीईओ राजेंद्र मेहर द्वारा डिमांड नोटिस को वितरण नहीं कराया गया |


सीईओ मेहर फर्जीवाडा करने वालो को देते है संरक्षण :-शिकायतकर्ता शैलेन्द्र करसायल ने विस्तार अधिकारी राजेंद्र कुमार मेहर पर प्रबंधक दूजराम साहू को संरक्षण देने एवं मिलीभगत कर किसानों की हक़ को मारने का आरोप लगाया है | सीईओ राजेन्द्र मेहर प्राधिकृत अधिकारी है उनके द्वारा किसानों के खाते में फर्जीवाड़ा कर चढ़ाये गये अतिरिक्त राशि की वसूली नही की जाती और किसान के वास्तविक कर्ज को ही बस वसूला जाता है | इसी का फायदा उठाकर करीब दो दर्जन से अधिक किसानों के खाते दो लाख रूपये की लागत से खाद चढ़ा कर बंदरबांट किया गया है | किसान तुकाराम पटेल ( अजय पटेल ) के खाते में 25 हजार, चौबीसराम पटेल के खाते में 34 हजार, सुरेन्द्र मांडले के खाते में 52 हजार, रोहित पटेल के खाते में 35 हजार, एवं मोहित यादव के खाते में 9 हजार रूपये का अधिक खाद चढ़ा दिया गया है | इसी तरह किसान राम कुमार पटेल से कूटरचना कर 30 हजार रूपये खाद खाते में हस्ताक्षर करवाने के बाद भी उक्त किसान को खाद नही मिला, और उनके नाम के खाद को अन्य लोगों को महंगे दामों में बेच दिया गया |


राजेंद्र कुमार मेहर, विस्तार अधिकारी सहकारिता विभाग 


प्रबंधक के कारनामें से कई किसान हुए डिफाल्टर :- वहीं एक अन्य मामले में तेलासी के किसान श्रीराम कमल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के कर्ज को पटाने के लिए तात्कालिक समिति प्रबंधक दूजराम साहू को करीब एक लाख रुपया दिया गया जिसकी रसीद भी किसान को दी गई | लेकिन उक्त किसान पैसे को हडपने की नियत से प्रबंधक दूजराम साहू ने केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक शाखा वटगन में उक्त राशि को ज़मा नही किया गया अंततः उक्त किसान को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया | इससे पीड़ित किसान को खाद बीज और खेती के ऋण नही मिला | वहीं अब पीड़ित किसान आज दर दर भटकने पर मजबूर हो गये है एवं उनके परिवार इस कोरोनाकाल में दाने - दाने के लिए मोहताज़ हो गये | वही कुछ सक्षम किसान ने अपना कर्ज पटा तो दिए है जिसका आज तक उन किसानों को दूजराम साहू के द्वारा आश्वसन के सिवा पैसा वापस नही किया गया | वहीं जब हमने सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी एवं प्राधिकृत अध्यक्ष का पक्ष लेने उनके नम्बर पर कॉल और मैसेज किया लेकिन ख़बर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया |

खाद की लिमिट ज्यादा किसानों के खाते में चढ़ाया:-


खाद अधिक होने की वजह से किसानों के खाते में किसानों के नाम पर बाद एडजेस्ट कर लेंगे सोचकर अधिक खाद चढ़ाया हूँ, खाद लिमिट से ज्यादा होने पर अन्य किसानों के खाते में खाद को चढ़ाया हूँ | रही बात किसानो की पैसे वापस की तो जिन किसानो ने खाद लिए उन लोगों का अभी तक पैसा नही आया है जैसे पैसा आयेगा वापस कर दूंगा |

दूजराम साहू, तात्कालिक प्रबंधक, ग्रामीण सेवा सह.समिति

दोषी पर होगी कड़ी कार्यवाही :-  


किसानों के ऋण समिति द्वारा दी जाती है उसका धान खरीदी में समायोजन नही करने एवं किसानों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त हुई मिली है इसकी जाँच करवाकर जो भी दोषी होंगे उन पर सख्त और कड़ी कार्यवाही की जाएगी |

उमेश गुप्ता, सहायक पंजीयक सहकारिता विभाग बलौदाबाजार