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पेंड्री मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित को मिलेगी और बेहतर सुविधा

पेंड्री मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित को मिलेगी और बेहतर सुविधा

 तैयारी तेज, परिसर में होंगे अतिरिक्त 100 आईसीयू बेड, 50 आइसोलेशन वार्ड व बच्चों के लिए 26 बिस्तर आईसीयू
राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण की गति कम होने के साथ ही संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में कोरोना संक्रमण पर पूरी तरह नियंत्रण करने हेतु प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं तथा 45 वर्ष से ऊपर आयु के बुजुर्गों के टीकाकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज को पेंड्री में शिफ्ट करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज के तीसरे तल में कोविड-19 के मरीजों का समुचित उपचार जल्द ही शुरू किया जाएगा। यहां कोविड हॉस्पिटल परिसर में अतिरिक्त 100 आईसीयू बेड, 50 आइसोलेशन वार्ड तथा 26 बिस्तर बच्चों के लिए 26 बिस्तर का आईसीयू बनाया जाएगा। भविष्य में कोरोना के नए वेरियेंट आने की आशंका को देखते हुए इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्यगत संरचना को और अधिक मजबूत बनाने हेतु जिले के नए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने भी कोविड-19 डेडिकेटेड मेडिकल हॉस्पिटल पेंड्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की संख्या, स्टाफ नर्स, डॉक्टर सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
वहीं मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. रेणुका गहिने ने बताया, बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज को पेंड्री में शिफ्ट करने की तैयारी तेजी से चल रही है। पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज भवन के तीसरे तल में कोविड मरीजों का उपचार किया जाएगा। वहीं प्रथम, द्वितीय व चतुर्थ तल में नॉन कोविड हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाएगा। बिल्डिंग में अभी 300 बेड कोविड-19 हॉस्पिटल संचालित है। इसमें 222 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। 78 सामान्य बेड हैं तथा 40 आईसीयू बेड संचालित हैं। 18 वेंटीलेटर की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल शिफ्ट होने के बाद भूतल और प्रथम तल में ओपीडी रहेगा। भूतल में पैथोलॉजी लैब, केजवल्टी वार्ड, एक्स-रे रखा जाएगा। प्रथम तल में नाक, कान, गला, टीबी के मरीजों का इलाज किया जाएगा। दूसरे तल में नेत्र रोग, मनोरोग, महिला एवं प्रसूति वार्ड, शिशु रोग, हड्डी रोग विभाग होंगे। वहीं चौथे तल में ऑपरेशन थियेटर, मेडिसिन विभाग और सर्जरी विभाग के लिए आईसीयू बनाया जाएगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा, कोरोना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है। अभी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी जरूर आई है, लेकिन आने वाले समय के लिए भी हमें सचेत रहना जरूरी है। इसके लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं तथा 45 वर्ष से ऊपर आयु के बुजुर्गों का टीकाकरण जारी है। हॉस्पिटल में उपलब्ध संसाधनों का आवश्यकतानुसार समुचित उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। तकनीकी सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है।