दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना: एक लाख रूपए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान

दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना: एक लाख रूपए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान

 रायपुर, 29 सितम्बर। राज्य शासन द्वारा दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांग युवक-युवतियों द्वारा विवाह किए जाने पर एक लाख रूपए का प्रोत्साहन राशि दिया जाता है। इस योजना के तहत दिव्यांग युवक-युवतियों द्वारा विवाह किये जाने पर युवक या युवती में से कोई एक के दिव्यांग होने पर 50 हजार रुपए एवं दोनों के दिव्यांग होने की स्थिति में एक लाख रुपए प्रोत्साहन राशि एकमुश्त प्रदाय किया जाता है। दिव्यांगजनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिये संचालित दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। पात्रता रखने वाले दम्पत्तियों से आग्रह किया गया है कि योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाईन अथवा अपने जनपद पंचायत कार्यालय के माध्यम से या सीधे उप संचालक समाज कल्याण कार्यालय, में आवेदन जमा कर सकते है।

 गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में से एक महत्वपूर्ण योजना दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना है। प्रोत्साहन राशि की पात्रता के लिये दम्पत्ति में से किसी एक दिव्यांग व्यक्ति को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है। दिव्यांगता 40 प्रतिशत या अधिक हो। विवाह के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो एवं युवती की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। दम्पत्ति का विवाह संस्कार प्रचलित सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार हुआ हो या सक्षम न्यायालय द्वारा कानूनी विवाह किया गया हो। दम्पत्ति में से कोई सदस्य आयकरदाता की श्रेणी न हो। पात्रता रखने वाले दम्पत्ति को निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रमाण-पत्रों के साथ विवाह के अधिकतम 6 माह के भीतर आवेदन पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।