breaking news New

आरपीएफ-बीबीए के बीच मानव तस्करी रोकने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर

आरपीएफ-बीबीए के बीच मानव तस्करी रोकने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर

नयी दिल्ली।  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की संस्था बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के बीच शुक्रवार को मानव तस्करी रोकने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।

इस एमओयू का उद्देश्य देश में मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी, बचाव सहायता, क्षमता निर्माण एवं जागरुकता लाना है तथा विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल करके लोगों को जागरुक करना है।

बीबीए और आरपीएफ ने अपने साझा बयान में कहा,“ बचपन बचाओ आंदोलन और आरपीएफ के लोगों के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यशाला का आयोजन करेगा। ”

इस अवसर पर ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की सीईओ रजनी सेखरी सिबल ने कहा, “ देश में बच्‍चों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के साथ जुड़कर काम करने में हमें गर्व महसूस हो रहा है। ”

उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ ने 10 हजार से ज्‍यादा बच्‍चों को तस्करी से बचाया

था। इनमें से ज्‍यादातर रेलवे स्‍टेशनों से बचाए गए थे। हम भविष्‍य में भी रेलवे सुरक्षा बल के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

आरपीएफ के निदेशक जनरल संजय चंदर ने मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में बीबीए की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस समझौते से इस लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि बीबीए की स्थापना नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी ने 1980 में की थी। इसका मकसद बच्चों के खिलाफ होने वाली किसी भी हिंसा को खत्म करना और एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां सभी बच्चे मुक्त, स्वस्थ एवं सुरक्षित हों और उन्हें अच्छी शिक्षा मिले।