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सौर उर्ज़ा के नाम पर पंचायतों को बिल थमाने के मामले में मिथलेश स्वर्णकार की चुप्पी संदेहास्पद

सौर उर्ज़ा के नाम पर पंचायतों को बिल थमाने के मामले में मिथलेश स्वर्णकार की चुप्पी संदेहास्पद

- अरुण पाण्डेय् -

जगदलपुर / शिवसेना । समाचार पत्रों में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार बस्तर व बकावंड विकासखंड के कई पंचायतों में सौर उर्ज़ा योजना अंतर्गत सामग्रियों की नियम विरुद्ध ख़रीदी का मामला सामने आया है। ख़बरों के अनुसार ग्राम पंचायतों के सरपंचों व सचिवों की पूर्व जानकारी व सहमति के बगैर ही 15 - 20 सौर उर्ज़ा से विद्युत देने वाली खंभे पंचायत क्षेत्रों में लगाकर उन्हें बिल भेज दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बकावंड विकासखंड के पंचायतों में बिना किसी पूर्व अनुमोदन या सहमती के 45 लाख तक का बिल भेज दिया गया है और अब पंचायत पर उक्त बिल जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। 

शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने समस्त विषय पर संज्ञान लेते हुए कहा कि अब तक जितने भी पंचायतों में इस तरह सोलर लाइट खंबे लगाए गए हैं, तत्काल उनके भुगतान रोकने चाहिए। पंचायत के पूर्व सहमति व जानकारी के बगैर मूलभूत सुविधाओं के लिए आए फंड का ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे इस तरह के कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए। ज़िला प्रशासन को समस्त मामले में हाई लेबल कमेटी का गठन करके इसकी जांच व दोषियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए।

लगातार समाचारों में सौर उर्ज़ा योजना में भ्रष्टाचार की ख़बर आने के बाद भी क्यों चुप हैं क्रेडा अध्यक्ष -शिवसेना

उन्होंने क्रेडा अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार की चुप्पी पर भी सवाल करते कहा कि जब समाचार पत्रों में लगातार इस तरह के भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं की ख़बर प्रकाशित हो रही है तब मामले में चुप्पी साधे रहना समझ से परे हैं। बिना किसी टेंडर नियम के परिपालन के इस तरह पंचायतों में सौर ऊर्जा से चलने वाले पोल बाजार भाव से दोगुने भाव पर लगाकर बिल थमा देने की लगातार शिकायतों पर उन्हें स्वयं संज्ञान लेना चाहिए। उक्त मामले में जिस किसी की भूमिका संदिग्ध हो सभी पर जांच व दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।