breaking news New

सीतामणी रेत घाट: ठेकेदार पर मेहरबान खनिज विभाग

सीतामणी रेत घाट: ठेकेदार पर मेहरबान खनिज विभाग

 कारण बताओ नोटिस जारी, पर रेत निकालने की छूट भी दी
कोरबा।
शहर के सीतामणी रेत खदान ठेकेदार को खनिज विभाग ने खदान क्षेत्र में रेत संग्रहण को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लेकिन हैरत की बात यह है कि उसके रेत निकालने पर रोक नहीं लगाया गया है। खदान ठेकेदार धड़ल्ले से रेत का ऊंची दर पर विक्रय कर रहा है। लोगों ने रेत घाट से रेत निकासी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार रेत ठेकेदार को रेत संग्रहण की पूर्व में अनुमति दी गयी थी। ठेकेदार ने खदान की भूमि पर ही नदी के भीतर रेत संग्रहित कर लिया है और ऊंचे दाम पर रेत बेचने के साथ खदान से भी रेत की अवैध निकासी करा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद खनिज विभाग ने खदान ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लेकिन खदान क्षेत्र से यानि नदी के भीतर से उसे रेत निकालने की 15 दिनों के लिए छूट भी दे दी है।
खनिज विभाग की इस कार्रवाई को लेकर शहर में भारी जनचर्चा है। लोगों का कहना है कि सीतामणी खदान ठेकेदार को 15 दिन तक नदी से रेत निकालने की छूट दी गयी है तो अन्य खदान ठेकेदारों को भी छूट दी जानी चाहिये। उनके खदान को बंद करना अनुचित है।
इस चर्चित मामले का हैरत अंगेज पहलू यह है, कि खदान ठेकेदार को जिस खसरा नंबर की जमीन से रेत निकालने का ठेका दिया गया है, उसी भूमि पर उसे रेत संग्रहण की अनुमति दे दी गयी है। एक तरह से ठेकेदार को खनिज विभाग ने एन.जी.टी. के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अवैध रेत निकासी का लायसेंस दे दिया है। लोगों का कहना है कि सीतामणी रेत घाट से रेत निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिये। साथ ही ठेकेदार को रेत खदान की लीज की भूमि पर ही रेत संग्रहण की अनुमति कैसे प्रदान की गयी है इस बात की जांच की जानी चाहिये और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये।