breaking news New

मुख्यमंत्री की रेडियो-वार्ता ने छुए लोकप्रियता के नये आयाम : शहरों, गांवों और जंगलों-पहाड़ों में भी गूंज रही है 'लोकवाणी'

मुख्यमंत्री की रेडियो-वार्ता ने छुए लोकप्रियता के नये आयाम : शहरों, गांवों और जंगलों-पहाड़ों में भी गूंज रही है 'लोकवाणी'

रायपुर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा शुरु की गई रेडियो-वार्ता 'लोकवाणी' लोकप्रियता के नये आयाम स्थापित कर रही है। आकाशवाणी के सभी केंद्रों से प्रसारित होने वाली इस रेडियो-वार्ता की 13 कड़ियां प्रसारित हो चुकी हैं। 14 वीं कड़ी का प्रसारण नये साल में 10 जनवरी को होगा।

लोकवाणी का प्रसारण हर माह के दूसरे रविवार को सुबह 10.30 से 11 बजे तक किया जाता है। इसके अलावा इसे विभिन्न एफएम चैनलों तथा क्षेत्रीय टीवी न्यूज चैनलों पर भी प्रसारित किया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों का मुख्यमंत्री  बघेल के साथ सीधा संवाद होता है। रेडियो-वार्ता की अलग-अलग कड़ियां अलग-अलग विषयों पर आधारित होती हैं। इन विषयों पर आम लोगों से सवाल एवं सुझाव आमंत्रित किए जाते हैं, जिन्हें कोई भी व्यक्ति आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 02 और 03 पर निर्धारित तिथियों में रिकार्ड करा सकता है।  लोकवाणी का पहला प्रसारण 11 अगस्त 2020 से शुरु हुए था, जिसके बाद से लेकर अब तक कृषि तथा ग्रामीण विकास, शिक्षा और युवा, स्वास्थ्य एवं मातृ-शक्ति, नगरीय विकास का नया दौर, आदिवासी विकास-हमारी आस, सेवा का एक साल, बालमन और तनाव (परीक्षा प्रबंधन और युवा कैरियर के आयाम), महिलाओं को बराबरी का अवसर, न्याय योजनाएं नयी दिशाएं, समावेशी विकास-आपकी आस, नवा छ्त्तीसगढ़- हमर विकास-मोर कहानी, बालक बालिकाओं की पढ़ाई-खेलकूद और भविष्य, छत्तीसगढ़ सरकार दो वर्ष का कार्यकाल जैसे विषयों पर रेडियो-वार्ता का प्रसारण हो चुका है। 

बलौदाबाजार जिले के ग्राम मगरचबा के आदिवासी किसान विष्णु पैकरा कहते हैं कि हम लोग लोकवाणी का हर प्रसारण सुनते हैं, चाहे घर पर हों या खेत पर। वे कहते हैं कि यह जानकर अच्छा लगता है कि सरकार किसानों और आदिवासियों की चिंता करती है। जांजगीर की ग्यारहवीं की छात्रा मेघा कहती हैं कि लोकवाणी के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी मिली। राज्य सरकार महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए बहुत अच्छा काम कर रही है। रितू साहू कहती हैं कि महिलाओं को समृद्धि की राह पर ले जाने के लिए महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से जो प्रयास किए जा रहे हैं, उसकी जानकारी लोकवाणी के माध्यम से मिली। यह जानकर अच्छा लगा कि महिलाएं जो सामान तैयार कर रही हैं, वे बाजार में अच्छी कीमत पर बिक रहे हैं। साक्षी, आरती, मुस्कान, गौरी और निशा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों  की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए शासन द्वारा बहुत अच्छे काम किए जा रहे हैं।

रायपुर मठपुरैना के वार्ड पार्षद अमित दास कहते हैं कि उन्हें लोकवाणी के माध्यम से जानकारी मिली कि प्रदेशभर के शासकीय अस्पतालों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार किस तरह के कदम उठा रही है। जनपद पंचायत साजा के अध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि प्रदेश की आम जनता से सीधे संवाद कायम करने के लिए लोकवाणी के प्रसारण की शुरुआत की गई है।इस कार्यक्रम के जरिये मुख्यमंत्री प्रदेश के दूरस्थ अंचल के लोगों से सीधे संवाद करते हैं। 


सामाजिक कार्यकर्ता संतोष वर्मा ने कहा कि लोकवाणी प्रसारण के जरिए मुख्यमंत्री लोगों की बातों को सुनते हैं और उनके सवालों के जवाब भी देते हैं।उन्होंने कृषि एवं ग्रामीण अर्थ व्यवस्था के संबंध में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। जनपद पंचायत बेमेतरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाराडेरा की सरपंच श्रीमती कुन्ती देवी साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की जनता से संवाद कायम करने हेतु लोकवाणी के माध्यम से एक बेहतर शुरुआत की गई है। निःसंदेह यह स्वागत योग्य कदम है। मुख्यमंत्री लोगों से छत्तीसगढ़ी में भी बात करते हैं, तीज-त्योहारों के बारे में बताते हैं। पहली बार ऐसा लग रहा है कि हमें छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री मिला है। नगरपंचायत अध्यक्ष थानखम्हरिया मनहरण सिन्हा ने गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में थानखम्हरिया के प्रमुख चौंक में चौपाल लगाकर लोकवाणी प्रसारण सुना इसके जरिए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता की बेहतरी के लिए किये गए योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी मिली। जिले के ग्राम पंचायतों एवं छात्रावासों में भी इसके श्रवण की व्यवस्था की गई थी।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस रेडियो-वार्ता की सभी कड़ियों को जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट  http://dprcg.gov.in/ में दस्तावेज के रूप में सहेजा गया है। वेबसाइट में इनकी ऑडियो फाइल के साथ-साथ ट्रांसक्रिप्ट फाइल भी उपलब्ध है। प्रसारित हो चुकी कड़ियों को वेबसाइट पर कभी भी पढ़ा और सुना जा सकता है।