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एसीबी ने पिछले वर्ष में 351 अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत का मुकदमा दर्ज कर किया गिरफ्तार

एसीबी ने पिछले वर्ष में 351 अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत का मुकदमा दर्ज कर किया गिरफ्तार

जयपुर।  राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पिछले वर्ष में 351 अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया।

ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस दौरान एसीबी द्वारा ट्रेप के 253 प्रकरण दर्ज किए गए, इनमें 64 प्रकरण राजपत्रित अधिकारीगण एवं 186 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारीगण एवं तीन प्रकरण निजी व्यक्तियों के विरूद्ध दर्ज कर कुल 351 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। उक्त प्रकरणों में राजस्व, पुलिस, पंचायत, उर्जा, स्वायत्त शासन विभाग, चिकित्सा आदि प्रमुख है।

उन्होंने बताया कि रिश्वत मांग के कुल 60 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें छह प्रकरण राजपत्रित अधिकारीगण, 53 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारीगण एवं एक प्रकरण प्राईवेट व्यक्ति के विरूद्ध दर्ज किया गया। उक्त प्रकरणों में पुलिस, पंचायत, राजस्व, उर्जा एवं स्वायत्त शासन विभाग आदि प्रमुख हैं।

पद के दुरूपयोग के 34 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें 15 प्रकरण राजपत्रित अधिकारीगण, 18 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारीगण एवं एक प्रकरण प्राईवेट व्यक्ति के विरूद्ध दर्ज किया गया। उक्त प्रकरणों में पंचायत, नगरीय विकास, शिक्षा, खान एवं राजस्व विभाग आदि प्रमुख है।

उन्होंने आय से अधिक सम्पत्ति के 16 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें आठ प्रकरण राजपत्रित अधिकारीगण एवं आठ प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारीगण के विरूद्ध दर्ज किये गए। उक्त प्रकरणों में राजस्व, पुलिस, स्वायत्त शासन, परिवहन आदि प्रमुख हैं।

श्री सोनी ने बताया कि ब्यूरो में वर्ष में कुल 363 प्रकरण दर्ज किए गए, इन प्रकरणों में 253 ट्रेप 60 रिश्वत की मांग, 34 पद के दुरूपयोग तथा 16 आय से अधिक सम्पत्ति के प्रकरण दर्ज किए गए। उक्त प्रकरणों में राजस्व, पुलिस, पंचायत, उर्जा, स्वायत्त शासन विभाग, चिकित्सा आदि प्रमुख है। सर्वाधिक 59 प्रकरण पंचायती राज विभाग, 57 प्रकरण राजस्व, 57 प्रकरण पुलिस विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष में 56 प्रकरणों में विभिन्न न्यायालयों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत कुल 71 आरोपीगणों को सजा सुनाई गई जिनमें 61 लोक सेवक एवं 10 प्राईवेट व्यक्ति हैं। लोक सेवकों में से छह राजपत्रित अधिकारी एवं 55 अराजपत्रित कर्मचारी हैं।