बीईओ की मिली भगत से शिक्षकों ने सूखा राशन देने में बरती अनिमियता

बीईओ की मिली भगत से शिक्षकों ने सूखा राशन देने में बरती अनिमियता


दाल की जगह पर दे दिये घुन लगा हुआ खड़ा अरहर, चावल की मात्रा में भी की कटौती

सूरजपुर, 08 अप्रेल | कोरोना जैसे महामारी के कारण देश भर में लॉक डाउन है। सामाजिक संस्थान, प्रशासन कि टीम लोगो को राहत पहुँचाने का कार्य कर रही है। किंतु सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखण्ड के शिक्षा अधिकारी के मिली भगत से एक ग्राम के स्कूल के शिक्षकों द्वारा  बच्चो को मिलने वाले सूखे राशन में भी अपनी गिद्ध की नजर जमाएं हुए है। बल्कि राशन की मात्रा में कमी कर रहे है। तो वहीं गुणवत्ता विहिंन अरहर की दाल की जगह पर खड़ा अरहर घुन लगा हुआ बॉटने के सनसनी खेज मामला सामने आया है। गौरतलब है कि सरकार द्वारा सभी शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट के लिए सूखा मध्यान राशन 40 दिनों के लिए एकमुश्त स्कूलों में पहुँचाने के लिए आदेश जारी की है।

जिस पर जिला प्रशासन अपने निगरानी में कार्य करवा रही है। किंतु कुछ अधिकारी ऐसे भी है जो इस आपदा कोरोना महामारी में भी अपने भ्रष्टाचार नीति से बाहर नही आ रहे है। सरकार ने प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए लिए चावल 4 किलो, दाल 800 ग्राम, वहीं माध्यमिक शाला के लिए चावल 6 किलो, दाल 1.200 सौ ग्राम वितरण करने का आदेश राज्य सरकार ने जारी की है। जिसका भुगतान भी प्रशासन खण्ड शिक्षा अधिकारी के जरिये स्कूलों के लिए कर दिया गया है। ऐसे में ग्राम पंचवटी के प्राथमिक शाला खालपारा में 1,500 किलोग्राम चावल, और 500 सौ ग्राम खड़ा अरहर जो कि घुन लगा हुआ है।

और माध्यमिक शाला में  चावल 3 किलो और खड़ा अरहर 500 सौ ग्राम, के हिसाब से जन शिक्षक और स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा स्कूल के सभी छात्र छात्राओं को वितरण कर दिया गया है। जबकि पंचवटी ग्राम में 3 प्राथमिक स्कूल है जिसमे 131 स्टूडेंट पढ़ते है। तो वही माध्यमिक  स्कूल में 56 स्टूडेंट पढ़ रहे है। ग्राम वासियों ने बताया कि सभी स्कूलों में इस खड़ा अरहर वितरण किया गया है जो कि मिलने वाले तौल में कटौती की गई है। इसमें से आकड़ो में देखा जाए तो बड़ी रकम की घोटाला किया है। जो एक शिक्षक बैगर बीईओ के मिली भगत से नही कर सकता है।  शोशल मीडिया से सामने आया पूरा मामला सामने बीते दिनों शोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहा है।

जिसमे एक व्यक्ति एक ग्रामीण से दाल और चावल को लेकर पूछ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रधान पाठक, और जन शिक्षक, के द्वारा यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया गया कि हम लोगों के द्वारा जितना चावल मिला था उसी को थोड़ा थोड़ा कर के छात्र-छात्राओं को दिया गया हैं उतना ही हम लोगों बच्चों को दिए हैं और हम लोग अपने विकास खंड शिक्षा अधिकारी से पूछ कर थोड़ा थोड़ा बाटे हैं। इस बात को लेकर उपस्थित गांव वालों ने खूब हंगामा किया। 

फिर से बटवाऊंगा विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजा राम ने कहा कि दाल की राशि संबंधित समूहों को उपलब्ध करा दिया गया था। उन्हें दुकान से पूरा दाल खरीद कर देना चाहिए था।और चावल की कूपन समूहों को दे दिया गया था इनको राशन दुकान से पूरा चावल उठा कर देना था इसके जिम्मेदार मध्यान भोजन सचालक समूह एवम स्कूल के प्रधान पाठक हैं। और छात्र-छात्राओं को दिए गए कमी सामग्री को पून: वितरण करवाने की बात कही है।  वहीं बीईओ ने शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस सम्बध में सुरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय ने 'आज की जनधारा' से चर्चा करते हुए कहा कि आपके द्वारा जानकारी मिल रही है। जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जायेगी।