गुडसे राशन हेराफेरी: कंटेनमेंट जोन से निकलकर खाद्य अधिकारी ने कराई एफआईआर

गुडसे राशन हेराफेरी: कंटेनमेंट जोन से निकलकर खाद्य अधिकारी ने कराई एफआईआर


दंतेवाड़ा।
जिले में कटेकल्याण विकासखण्ड अंतर्गत गुडसे पंचायत की राशन दूकान में निरंतर जांच जारी है। शनिवार को दोपहर में आई रायपुर की जांच टीम रविवार को भी वेयरहाउस के लोगों का बयान व दस्तावेज खंगालती रहीएउनके द्वारा अभी तक मिडिया के सामने किसी भी तरह की बात नहीं रखी गई है अब देखना यह है कि सोमवार को टीम क्या जांच कर रिपोर्ट कलेक्टरेट व मंत्रालय में पेश करती है।
सही जवाब देने से एफआईआर दर्ज करने वाले अधिकारी भी बचते नजर आ रहे हैं कहीं ना कहीं आधी रात को खादय अधिकारी द्वारा कंटेनमेंट जोन से बाहर निकलकर मनोज मालवीय पर एफआईआर करने का दबाव खाद्यय अधिकारी पर जरूर रहा होगाए यह उनके फोन काल रिकार्ड से ही पता चल सकता है कि गलत लाट नंबर से एफआईआर करने का दबाव किस अधिकारी द्वारा खाद्यय अधिकारी पर डाला गया हैएयह भी पुलिस द्वारा जांच का विषय है परिवहनकर्ता मनोज मालवीय को कभी भी उनको दिये जाने वाले राशन के दस्तावेज में लाट नंबर का जिक्र नहीं है और वेयरहाउस और नान कभी भी ट्रांसपोर्टर को खाद्ययान देते समय लाट नंबर का जिक्र नहीं करते हैं ना ही ट्रांसपोर्टर को बताया जाता है की यह किस लाट नंबर का चावल आपकी गाडी में भरा हुआ है।
परिवहनकर्ता को केवल मोटा या पतला चावल की ही जानकारी दस्तावेजों में दी जाती है जब इस प्रकरण की जांच की तो पता चला कि ट्रांसपोर्टर की केवल इतनी गलती थी कि 72 घंटे के अंदर गुडसे राशन पहुंचाना चाहता था जिससे उसने फोन पर वाहन खराब होने की मौखिक जानकारी खाद्य निरीक्षक को दी उसके बाद समय मिलने पर लिखित जानकारी दी। खाद्यान्न का गंतव्य स्थल पर रवाना होना इस बात को प्रमाणित करता है कि ट्रांसपोर्टर खाद्यान्न गुडसे ही ले जा रहा था।