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सीएम भूपेश बघेल, "हमारे पास वैक्सीन ही नहीं है."

सीएम भूपेश बघेल,

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में याद दिलाया है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इस आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण हेतु वैक्सीन की खरीद राज्यों द्वारा ही की जानी है। उन्होंने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ राज्य ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 25-25 लाख डोजेज का ऑर्डर भी दे दिया है। उन्होंने बताया कि जहाँ कोविशील्ड बनाने वाली SII ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया है, कोवैक्सीन निर्माता ‘भारत बायोटेक’ ने जवाब दिया है।

CM बघेल के अनुसार, ‘भारत बायोटेक’ ने राज्य से कहा है कि मई महीने तक मात्र 3 लाख वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने चिंता जताई है कि रजिस्ट्रेशन की संख्या और ज़रूरतों को देखते हुए उस अनुपात में वैक्सीन की डोज उपलब्ध ही नहीं है। उन्होंने आशंका जताई है कि टीकाकरण के लिए बनाई गई सोशल साइट्स में भीड़ प्रबंधन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वैक्सीन किसको पहले दिया जाए और किसको बाद में, इसके लिए कोई प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। उन्होंने माँग की है कि प्राथमिकता के क्रम में ‘सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ को तवज्जो दी जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि अगर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सिर्फ ऑनलाइन ही रही तो इससे गरीब और पिछड़े वंचित रह जाएँगे, जो तकनीक से दूर हैं।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि युवा आबादी के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने से टीकाकरण केंद्रों पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर है. उन्होंने ये भी कहा कि हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन भी नहीं हैं क्योंकि केंद्र ने अभी तक सप्लाई नहीं की है.

उन्होंने कहा, "केंद्र ने राज्यों को सीधे वैक्सीन कंपनियों से डोज खरीदने को कहा है. अभी इस वक्त सिर्फ दो कंपनियां हैं और हमने जो 50 लाख वैक्सीन का ऑर्डर दिया है, वो हमें जुलाई तक मिलेगा." सीएम ने कहा, "केंद्र को राज्यों से वैक्सीन की उपलब्धता के मुताबिक युवा आबादी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू करना चाहिए था. लेकिन उन्होंने हमसे बिना बातचीत किए ही रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए. क्या होगा, जब युवा आबादी वैक्सीन सेंटर पर आएगी." उन्होंने कहा कि केंद्र को 1 मई से युवा आबादी के लिए वैक्सीनेशन शुरू करने की घोषणा नहीं करनी चाहिए थी.         

सीएम भूपेश बघेल ने कहा, "अभी 18 साल से ऊपर की आबादी के लिए वैक्सीनेशनल प्रोग्राम शुरू नहीं हो सकता, क्योंकि उनके लिए हमारे पास वैक्सीन ही नहीं है." उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है, लेकिन हमारी सरकार से बस इतनी गुजारिश है कि केंद्र हमें कितनी वैक्सीन सप्लाई करेगी और हमें कंपनियों से कितनी वैक्सीन खरीदनी होगी. लेकिन हमें अभी तक इसका जवाब नहीं मिला है." उन्होंने ये भी कहा कि रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार की तरफ से किया जा रहा है. प्रधानमंत्री की फोटो डिस्प्ले होगी. इसलिए वैक्सीन का खर्च केंद्र सरकार को ही उठाना चाहिए.