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कलेक्टर की कार्रवाई से चार सौ बीस राईस मिल संचालकों में हड़कम्प

कलेक्टर की कार्रवाई से चार सौ बीस राईस मिल संचालकों में हड़कम्प

कोरबा। धोखाधड़ी कर कस्टम मिलिंग में शासन को लाखों रूपयों की चपत लगाने की कोशिश कर रहे कोरबा के राईस मिल संचालकों पर कलेक्टर कोरबा का चाबुक चला है। इसके बाद चार सौ बीस राईस मिल संचालकों में हड़कम्प मच गया है। 

जानकारी के अनुसार कोरबा जिला के कई राईस मिल संचालक अपने मिल की उत्पादन क्षमता से कम क्षमता में कस्टम मिलिंग का पंजीयन पिछले दो वर्षों से करा रहे थे और शासन की आंख में धूल झोंककर लाखों रूपये प्रोत्साहन राशि हासिल कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे। कलेक्टर कोरबा  किरण कौशल के संज्ञान में जैसे ही यह गंभीर मामला आया उन्होंने तत्काल एक्शन लिया और धोखेबाज राईस मिल संचालकों का कस्टम मिलिंग का पंजीयन उनके मिल की वास्तविक उत्पादन क्षमता के अनुसार किया जाना सुनिश्चित किया। 

याद रहे कि गत वर्ष में वैष्णव राईस मिल ने 6 टन की जगह 4 टन, में.अग्रवाल राईस मिल पंहदा ने 6 की जगह 5 टन, में. अग्रवाल राईस प्रोडक्ट पहंदा ने 6 की जगह 4 टन और में. अग्रवाल एग्रो प्रोडक्ट पहंदा ने 6 की जगह 5 टन क्षमता में अपनी मिल का पंजीयन कराया था और शासन को प्रोत्साहन राशि के रूप में लाखों रूपयों का चूना लगाया था, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली। कलेक्टर के निर्देश पर  कलेक्टर किरण कौशल की सजगता से कस्टम मिलिंग में शासन को इस वर्ष लाखों रूपयों की बचत होगी।