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राज्य सरकार एमएसपी का कानून लाने का साहस दिखाये - शशि पवार

राज्य सरकार एमएसपी का कानून लाने का साहस दिखाये - शशि पवार

धमतरी, 28 अक्टूबर। छग कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 सरकार ने किसानों के लिये नही अपनी आमदनी के लिये लाया है -छग की भूपेश सरकार ने आनन फानन में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया तो छग के किसानों में आस जगी की शायद भुपेश बघेल किसानों के हित में कुछ बड़ी घोषणा करने वाले हैं परंतु भूपेश सरकार द्वारा पारित छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 का किसानों के हितों से कोई लेना देना नही है यह कहना है भाजपा जिलाध्यक्ष ठा शशि पवार एवं जिला महामंत्री कविन्द्र जैन का, जिन्होंने आज जारी एक संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि राज्य सरकार यह विधेयक केवल इसलिये लेकर आई ताकि वो किसानों और व्यापारियों को अपने इंस्पेक्टर राज के दायरे में ला सके और जो केंद्र सरकार के नये कृषि कानून से मंडी टैक्स और अन्य व्ययों से किसानों को राहत प्रदान की गई है उन्हें फिर से कानून के दायरे में लाकर उनसे वसूली कर सके। 

यदि बघेल सरकार वास्तव में किसान हितैषी होती तो राज्य स्तर पर एमएसपी का कानून ला सकती थी जैसा कि पिछले दिनों पंजाब सरकार अपने राज्य में लेकर आई है। बघेल सरकार को अपने विधेयक में ऐसी व्यवस्था देनी थी कि किसान की उपज छत्तीसगढ़ में जो भी खरीदना चाहे उसे  एमएसपी या उससे अधिक दाम में ही उपज खरीदना होगा। छग की सरकार ने यह माना है कि हम केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून के प्रावधानों से कोई छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं परंतु छग सरकार कोई भी नुमाइंदा यह स्पष्ट नही कर पाया कि नये मंडी विधेयक में किसानो के हित मे कौन से प्रावधान किये गये हैं। मंगलवार को धमतरी में किसानों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर जो ट्रैक्टर रैली भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से किसानों ने निकाली उससे छग सरकार के हाथ पैर फूल गये हैं और यदि जल्द ही किसानों की मांग को लेकर सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो धमतरी से निकली यह चिंगारी दावानल बन कर पूरे प्रदेश को अपने चपेट में ले लेगी। अन्नदाताओं का अपमान प्रदेश का अपमान है और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा।