breaking news New

आदिवासी छात्रावास की बालिकाओं को आश्रम अधीक्षिका के द्वारा किया जा रहा लगातार प्रताड़ित

आदिवासी छात्रावास की बालिकाओं को आश्रम अधीक्षिका के द्वारा किया जा रहा लगातार प्रताड़ित


बच्चों पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना ना हो इसकी चिंता करें प्रशासन

बालिकाओं ने लगाया घर के बर्तन व कपड़े धुलावाने का आरोप

आदिवासी बालिकाओं ने मोबाईल पर संपर्क करके सुनाई आपबीती, आगे पढ़ने की इच्छा हॉस्टल से निकाले जाने का भय

जगदलपुर । आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधीमण्डल द्वारा बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में महारानी स्कूल के समीप संचालित शासकीय कमला नेहरू आदिवासी छात्रावास की बालिकाओं को लगातार प्रताड़ित करने का मामला सामने आने पर आश्रम अधीक्षिका से इस विषय पर बात कर मामले को जानने की कोशिश की गई।

जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने बताया कि उन्हें अज्ञात नम्बर से सुबह लगभग 10 बजे छात्रावास की दो बालिकाओं द्वारा उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क कर जानकारी दी गई कि वे 10वीं कक्षा की छात्रा हैं और असाइनमेंट बनाने हेतु स्कूल के द्वारा निर्देश दिए जाने पर स्मार्ट फ़ोन लेकर हॉस्टल आई थी।

जिसपर आपत्ति दर्ज़ करते हुए हॉस्टल अधीक्षका ने जब्त कर लिया और उस मोबाइल फ़ोन को वापस देने के लिए बालिकाओं के परिजनों बुलाकर को पांच सौ व एक हज़ार रुपये देने के शर्त रखी गई और नही देने पर उनके बालिकाओं को छात्रावास से निकाल देने की धमकी दिया गया और उन्हें आश्रम से निकालने की प्रकिया जारी हो गई है।


इस तरह शिकायत मिलने पर तत्काल तरुणा साबे बेदरकर और उनकी महिला टीम द्वारा हॉस्टल पहुंचकर आदिवासी बालिकाओं और उनके परिजनों से पूरी घटना व विषयवस्तु की जानकारी ली। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को असाइनमेंट तैयार करने हेतु हॉस्टल में मोबाईल चलाने की अनुमति के बदले उनके परिजनों से छोटी कक्षा के लिए पांच सौ व बड़ी कक्षाओं के लिए एक हज़ार रुपये की अवैध वसूली किया जा रहा है, अन्यथा हॉस्टल से निकालने की धमकी दी जा रही है।

इस बात पर हॉस्टल की अधीक्षिका से प्रतिनिधीमण्डल द्वारा प्रश्न पूछा गया कि सरकारी छात्रावास में सारी सुविधाएं जब सरकार देती है तो किस प्रावधान के तहत वे मोबाईल उपयोग करने के बदले पैसों की अवैध व नकद वसूली परिजनों को डरा धमकाकर  कर रही हैं ? और इस तरह के वसूली का कोई रसीद क्या वे परिजनों को देती हैं ?

बालिकाओं के परिजनों को भी हॉस्टल अधीक्षिका उनके सीधापन व लाचारी का फ़ायदा उठाते हुए आर्थिक, व मानसिक प्रताड़ित कर रही है। बस्तर जैसे पिछड़े स्थान में जहां आदिवासी बालिकाओं के शिक्षा के लिए राज्य व केंद्र की सरकारों द्वारा विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आदिवासी बालिकाओं में शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है वहां इस तरह हॉस्टल अधीक्षिका द्वारा ग़रीब आदिवासी बच्चियों को धमकी देकर प्रताड़ित किया जाना सिविल सेवा आचरण का खुला उलंघन है।

● हॉस्टल अधीक्षिका पर आदिवासी बालिकाओं ने लगाया आरोप, कहा करवाती हैं अपने घर के झूठे बर्तन मांजने व कपड़े धुलवाने का काम

हॉस्टल की आदिवासी बालिकाओं ने हॉस्टल अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधीमण्डल को एसडीएम व कोतवाली थाना प्रभारी के समक्ष जानकारी दिया कि अधीक्षिका द्वारा अपने व्यक्तिगत कार्यो जैसे झाड़ू - पोछा, कपड़ा - बर्तन साफ़ करवाने के लिए भी दबाव बनाया जाता है। शहर के बीचों बीच इस तरह एक सरकारी संस्था में खुलेआम मासूम ग़रीब आदिवासी बालिकाओं के साथ शिक्षा के नाम पर शोषण किया जा रहा है और हमारे आदिवासी बालिकाओं द्वारा सिर्फ शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य बनाने हेतु ऐसे तानाशाही अधीक्षिका की ज्यातीया बर्दास्त करने पर मजबूर है।

आम आदमी पार्टी, बस्तर की जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने प्रशासन के सभी सक्षम अधिकारियों के ऊपर गैर जिम्मेदारी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीएम, महिला एवं बाल विकास अधिकारियों को क्या इस बात की जानकारी है के उनके छात्रावास में आदिवासी बालिकाओं के साथ किस तरह से शोषण और प्रताड़ना हो रही है।

आज इन अधिकारियों तक शिकायत करने के बदले बालिकाओं द्वारा आम आदमी पार्टी से शिकायत की गई है, जिसका मतलब साफ हैकि प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारियों पर उन्हें विश्वास नही है।  इससे पुनः साबित होता हैकि जिलें के सक्षम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल हैं।

आम आदमी पार्टी की महिला अध्यक्ष फूलमति कुड़ियाम ने बताया कि यह तो ज़िले की एक छात्रावास के बालिकाओं का हाल है। इससे प्रतीत होता है अन्य छात्रावास में भी आदिवासी बालिकाओं के साथ इस तरह का शोषण होता होगा। सरकार का बेटी पढ़ाओ - बेटी बढ़ाओ का नारा सिर्फ वोट हासिल करने के लिए है वास्तविकता से इसका कोई नाता नही है, यह बालिकाओं की स्तिथि देखकर साबित होता है।

मामले की गंभीरता को देखकर आम आदमी पार्टी की जिला इकाई द्वारा निर्णय किया गया हैकि बस्तर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और उनकी पार्टी बस्तर में बेटियों के साथ इस तरह की प्रताड़ना बर्दास्त नही करेगी। गके कार्यालयीन दिवस पर उक्त मामले की लिखित रूप से शिकायत जिला कलेक्टर से किया जावेगा। अधीक्षिका और शिक़ायत कर्ता बालिकाओं से मिलने वाले प्रतिनिधीमण्डल में आप नेत्री तरुणा साबे बेदरकर के साथ शहर महिला अध्यक्ष फूलमति कुड़ियाम, रमा बघेल, रानी और सोशल मीडिया अध्यक्ष धीरज जैन उपस्थित थे