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कृषि कानून में कहां लिखा है कि मंडी और एमएसपी बंद हो जाएगी, अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को दी चुनौती

कृषि कानून में कहां लिखा है कि मंडी और एमएसपी बंद हो जाएगी, अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को दी चुनौती

नई दिल्ली । देश में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे है। कई किसान संगठन दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर इकट्ठे  हो गए है। किसानों के मुद्दे पर विपक्ष भी लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि इन कृषि कानूनों के लागू होने के बाद से मंडी और एमएसपी बंद हो जाएगी। इसको लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर पलटवार किया है। अनुराग ठाकुर ने विपक्ष और कांग्रेस को खुली चुनौती देते हुए कहा कि आप बताएं कि कृषि कानून में कहां लिखा है कि मंडी और एमएसपी बंद हो जाएगी।

ठाकुर ने साफ तौर पर कहा कि आप अपनी राजनीति के लिए किसानों का इस्तेमाल मत कीजिए। ठाकुर ने दावा किया कि हमने किसानों की आय को दोगुना करने का काम लिया है तो इसे करके ही छोड़ेंगे। इससे पहले बजट पर अपनी बात को रखते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह बजट आशा से भरी हुई है। बजट से आशा एक नए भारत और आत्मनिर्भर भारत की है। इसमें विशेष तौर पर देखा जाए तो पूंजीगत व्यय में 34.5त्न की वृद्धि की गई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 

मंडी व्यवस्था जारी रहेगी, इसे और मजबूत बनाएंगे : ठाकुर

मंडी व्यवस्था के जारी रहने का भरोसा दिलाते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार इसे और अधिक मजबूत बनाएगी ताकि किसानों की आय बढऩे में मदद मिल सके। राज्यसभा में बजट 2021-22 पर चर्चा में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा ''कहा जा रहा है कि नए कृषि कानूनों से मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि ऐसा नहीं होगा।  उन्होंने कहा ''मंडी व्यवस्था जारी रहेगी। इसे सरकार और अधिक मजबूत बनाएगी ताकि किसानों की आय बढऩे में मदद मिल सके। ठाकुर ने कहा ''जिन नए कृषि कानूनों की आलोचना की जा रही है... सच यह है कि इन कानूनों को किसानों के कल्याण के लिए लाया गया है, इनसे उनकी आय दोगुनी होगी।उन्होंने कहा '' संप्रग सरकार के कार्यकाल में गेहूं की 33874 करोड़ रुपये की हुई जबकि राजग सरकार में यह 75000 करोड़ रुपये की हुई। संप्रग सरकार के कार्यकाल में धान की खरीद 63000 करोड़ रुपये की हुई, लेकिन राजग सरकार ने 1,72,752 करोड़ रुपये की धान की खरीद की। संप्रग सरकार के कार्यकाल में कपास की खरीदी 90 करोड़ रुपये की थी वहीं हमने 25974 करोड़ रुपये की कपास की खरीद की। बजट के बारे में उन्होंने कहा ''यह बजट आशा जगाने वाला है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें पूंजीगत व्यय में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। 

उन्होंने कहा ''विभिन्न मदों में कटौती के आरोप लगाये जा रहे हैं। लेकिन यह सच नहीं है। बजट मेंअनुसूचित जाति के लिए बजट में 51 फीसदी की वृद्धि की गई है। पिछड़े वर्ग के लिए 28 फीसदी बजट बढ़ाया गया। विकलांगों के लिए 30 फीसदी और महिलाओं के लिए बजट में 16 फीसदी की वृद्धि की गई है।ठाकुर ने कहा कि निजीकरण संप्रग सरकार के समय शुरू हुआ और चार हवाईअड्डे निजी हाथों में दे दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एयर इंडिया की हालत संप्रग सरकार के कार्यकाल में खराब होना शुरू हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि राजग सरकार ने चालू खाते का घाटा कम किया है और सरकार की नीतियों के कारण लोगों का बैंकिंग व्यवस्था में भरोसा बढ़ा है। वित्त राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार के कार्यकाल में घोटाले लगातार हुए। उन्होंने कहा ''मोदी सरकार के सात साल होने जा रहे हैं लेकिन सात पैसों का भी आरोप किसी मंत्री पर नहीं लगा है। उन्होंने कहा ''मध्यम सूक्ष्म लघु उद्योगों के लिए मोदी सरकार ने कारोबार की सीमा बढ़ाई। तीन लाख करोड़ रुपया उन्हें दिया गया। रेरा जैसा कानून, गरीबों को मकान लेने पर एक साल के लिए राजसहायता की छूट बढाना आदि वह कारण हैं जिनकी वजह से आज रियल इस्टेट क्षेत्र में तेजी आई है। ठाकुर ने कहा ''आज भारत आत्मनिर्भर हो रहा है। हमने न केवल देश में पीपीई किट बनाए बल्कि कोविड का टीका भी बनाया और दूसरे देशों को दे रहे हैं। ठाकुर ने कहा ''मैं यह भरोसा दिलाता हूं कि मंडी व्यवस्था खत्म नहीं होगी बल्कि इसे और मजबूत किया जाएगा।