breaking news New

छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने किया आयोग से चर्चा

छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने किया आयोग से चर्चा


धमतरी।  2012 से अपनी मांगों और अधिकार के प्रति लगातार संघर्ष करने वाला पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने 30 जून को पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष रायपुर से मिलकर अपनी विभिन्न मांगों पर चर्चा किया साथ ही भू-सुरक्षा अधिकार पर भी विस्तार से चर्चा कर जमीनो की सुरक्षा पर कानून लाने की सिफारिश किया,क्योंकि अविभाजित राज्य के समय से राज्य के कुछ हिस्सों में ओबीसी समाज की जमीनों पर गलत तरीके से कब्जा,खरीद फरोख्त,रजिस्ट्री जैसे शिकायतें लगातार मिल रही है इसके अलावा गरीब,अशिक्षित व असहाय परिवार की जमीनों पर  जमीन दलाल, ऊपरी विभागीय व राजनिति पकड़ ,आर्थिक रूप से सम्पन्न लोगों,ठेकेदारों,कम्पनियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है इस पर मजबूत कानून बनाकर ओबीसी समाज को सुरक्षित किया जा सके !
गलत वोट की राजनीतिक ब्यवस्था और ओबीसी नेताओं के अनदेखी के चलते आज तक इतनी बड़ी आबादी वाला वर्ग आज खुद की जमीन को न सुरक्षित रख पा रहा है न ही लड़ाई लड़ पा रहा है!
कारण तो वर्षों से वही है कि नेता तो समाज और वर्ग के आड़ में सत्ता और कुर्शी तो पा लेते हैं पर कभी इस वर्ग की समस्याओं पर ईमानदारी से काम नही किया,


आज इस बीड़ा और पीड़ा को छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने जिम्मेदारी से उठा रहा है।
संघ के पदाधिकारी प्रदेशाध्यक्ष  ओमप्रकाश साहू,प्रदेश संरक्षक  लीलाराम साहू,महासचिव भागवत वैष्णव ,डॉक्टर योगेंद्र साहू,हेमंत आह ने आयोग  के अध्यक्ष माननीय सियाराम साहू जी से चर्चा करते हुवे कहा कि यदि भु सुरक्षा कानून सरकार द्वारा यदि अतिशीघ्र नही लाया गया तो कुछ वर्षों बाद ओबीसी समाज के पास जमीन नही बचेगी,सरकार,आयोग और नेताओं को इस मुद्दे पर गम्भीरता से विचार किया जाना चाहिए!
बड़ी बहुलता वाली आबादी के चुप रहने का परिणाम यह है कि कई क्षेत्रों में इस वर्ग के जमीनों पर गलत तरीके से कब्जे या फिर खरीदी बिक्री संबंधित शिकायतें संगठन को मिलती है।
और इस पर सम्बंधित अधिकारियों को भी सूचित किया जाता है लेकिन इस संबंध में कोई मजबूत कानून न होने की वजह से यह लड़ाई अधूरी रह जाती है, इसीलिए सरकार से निवेदन किया जाता है कि एस. टी.वर्ग की जमीनों के बेधड़क खरीदी बिक्री व कब्जे से रोकने के लिए जिस तरह कानून बना है उसी तरह इस वर्ग के लिए भी सरकार कानून बनाये।

उक्त जानकारी महासचिव भागवत वैष्णव के द्वारा दिया गया .