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किसानों को बारदाना उपलब्ध नहीं कराना देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ - राजेश श्यामकर

किसानों को बारदाना उपलब्ध नहीं कराना देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ - राजेश श्यामकर

   राजनांदगांव ।  छत्तीसगढ़ में भोले - भाले किसानों को उन्नति प्रगतिशील का सपना दिखाने वाला कांग्रेस पार्टी सत्ता में काबिज होने के बाद किसानों की दुख व दर्द समझने के बजाय समझ से परे है, किसानों को धान खरीदी में बारदाना उपलब्ध नहीं कराना शायद देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है !

जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 09 के जिला पंचायत सदस्य व आबकारी विभाग समिति के सलाहकार राजेश श्यामकर ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी चुनाव के समय किसानों को आर्थिक उन्नति कृषक सबका सपना दिखाकर किसानों को धोखा देकर सत्ता में काबिज तो जरूर हो गए हैं, लेकिन किसानों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर‌ होते जा रहे हैं, क्योंकि किसानों को धान बुवाई के समय पर खाद बीज अन्य जरूरतमंद सामग्री उपलब्ध नहीं कराना सरकार की नाकामी व प्रशासनिक व्यवस्था में नियंत्रण नहीं कर पाना !

जिसके कारण समय पर खाद बीज उपलब्ध नहीं होने के साथ अब धान खरीदी में भी किसानों को राज्य के छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस के राज्य सरकार रुला रहे हैं !

जैसे चुनाव के समय में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए घोषणा पत्र में अनेकों सपना दिखाया था, लेकिन घोषणापत्र सिर्फ घोषणा ही रह गया है, धरातल पर कितना मजबूत है, किसानों को ही मालूम है ।                                                                                                 

श्यामकर ने आगे बताया कि किसान अब आगामी विधानसभा चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देने के लिए समय का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि किसानों को धान खरीदी के लिए राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, आवश्यकता अनुसार बारदाना उपलब्ध कराना लेकिन किसानों को बारदाना उपलब्ध नहीं कराना शायद देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है, जो अपने बारदाना व्यवस्था करके धान खरीदी केंद्र जाना पड़ रहा है !

चुनाव में शराब भट्टी बंद करने का भी घोषणा पत्र में वादा किए थे, लेकिन आज वास्तव में बंद हुआ कि नहीं छत्तीसगढ़ के आम जनता देख भी रहे हैं, और इसका जवाब देने के लिए तैयार भी होना बताया क्योंकि दारू बेचने के लिए शीशी बोतल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन किसानों के धान खरीदी के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं कराना यह किसानों की मेहनत को मजाक उड़ाने के  समान है, क्योंकि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहते हैं, और धान का कटोरा कहलाने वाले किसान की कड़ी मेहनत होता है !

सोसायटीओं में अव्यवस्था का आलम है, और अव्यवस्था के बीच राज्य सरकार धान खरीदी प्रारंभ की है, जबकि धान खरीदी के पहले पूरी तैयारी कर लेना था, लेकिन सरकार किसी भी निर्णय के लिए आपस में सामंजस्य नहीं बैठाने का परिणाम है, जिसका भुगतना छत्तीसगढ़ के भोले - भाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।