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बिहार के चुनाव रैली में मोदी ने कहा -हम खुद के लिए पैदा नहीं हुए बल्कि हम तो आपके लिए जिंदा है

बिहार के चुनाव रैली में मोदी ने कहा -हम खुद के लिए पैदा नहीं हुए बल्कि हम तो आपके लिए जिंदा है

समस्तीपुर।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लोकतंत्र के लिए समर्पित वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एवं कांग्रेस को परिवार बचाने का गठबंधन करार दिया तथा जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद के लिए पैदा नहीं हुए बल्कि वे लोगों के लिए जिंदा हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पीएम  मोदी ने रविवार को समस्तीपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा में संबोधन की शुरुआत मैथिली भाषा में की और कहा, “महाकवि विद्यापति के मुक्तिस्थल जननायक कर्पूरी ठाकुर के कर्मस्थल, बलवान घाटी के शहीद अमन कुमार की पावन भूमि पर हम आहां सबके प्रणाम करै छी । 

” उन्होंने कहा कि इस बिहार की धरती ने ही पूरी दुनिया और मानवजाति को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया, जिस पर बिहार और पूरे देश को गर्व है। जब जनता के हित में फैसले होते हैं और फैसलों में जनता की सहभागिता होती है तभी लोकतंत्र मजबूत होता है। आज देश में एक तरफ लोकतंत्र के लिए पूर्ण रूप से समर्पित राजग का गठबंधन है वहीं दूसरी ओर अपने निहित स्वार्थ और अपने परिवार के स्वार्थ को पूरा करने के लिए समर्पित पारिवारिक गठबंधन है।

प्रधानमंत्री  मोदी ने राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवालिया लहजे में कहा कि केवल अपने-अपने परिवार के लिए काम कर रही इन पारिवारिक पार्टियों ने जनता को क्या दिया। यह बड़े-बड़े बंगले और महल बने तो किसके लिए बने, सिर्फ और सिर्फ यह परिवार की पार्टियों के मुखियाओं के ही बने हैं। उन्होंने पूछा, “क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोई भाई राज्यसभा पहुंचे, क्या उनका कोई बेटा-बेटी पहुंचा है। क्या मोदी का कोई रिश्तेदार कहीं पहुंचा है। लोकतंत्र के लिए काम करने वाले लोग जनता को अवसर देते हैं। हम आपके लिए जिंदा है और आपके लिए जान लगाते हैं। हम खुद के लिए पैदा नहीं हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां-जहां यह परिवार वाले सरकार में बैठे हैं वहां क्या होता है किसी से छुपा नहीं है। यदि तीन बेटे हैं तो वे सभी के बीच मौज करने के लिए जिले बांट देते हैं, मानो जैसे जिले उनकी निजी संपत्ति हों। यदि ये परिवार वाले इस तरह लूटेंगे तो फिर गरीब के बच्चे कहां जाएंगे। इन परिवार वालों को गरीबों की चिंता नहीं बल्कि उन्हें केवल खुद के विकास की चिंता है।