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पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित दुर्ग IG रेंज स्तरीय शहीद कप क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब IG इलेवन ने जीता

पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित दुर्ग IG रेंज स्तरीय शहीद कप क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब IG इलेवन ने जीता

के एस ठाकुर

राजनांदगांव, 12 जनवरी। आज आम नागरिक सुरक्षित है, सुख चैन की सांस ले रहा है तो उसकी सबसे बड़ी वजह है हमारे देश के जवान चाहे बात सीमा पर देश की रक्षा की  हो या फिर प्रदेश के आम नागरिक के सुरक्षा की  हो । हमारे देश प्रदेश के  सेना सुरक्षा बल पुलिस बल सभी  हमारी सेवा में सदैव तन्मयता से कर्तव्यरत रहते हैं , और कर्तव्य की बेदी पर अनेक घटनाओं में अपने प्राणों की बलि देते  हुए शहीद हो जाते हैं।

 ऐसे ही जांबाज वीर जवानों के बलिदानों को स्मृति के रूप में  शहीद कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन  IG दुर्ग रेंज  विवेकानंद सिन्हा  के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव डी श्रवण के कुशल निर्देशन  एवं जिला पुलिस बल के  अधिकारी कर्मचारी के अथक मेहनत एवं प्रयास से  शहीद  कप टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन ,राजनांदगांव  रक्षित केंद्र  के खूबसूरत मैदान में खेला गया । इस प्रतियोगिता का शुभारंभ 6 जनवरी को किया गया था। प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग आईजी के अंतर्गत आने वाले पुलिस की टीमों  के साथ-साथ जिला प्रशासन एवं नागरिक इलेवन की कुल 22 टीमों ने टीम ने  शिरकत की ।

शहीद  कप के फाइनल में पहुंचने का श्रेय हासिल किया आईजी 11 एवं आइटीबीपी इलेवन की टीम ने। फाइनल मैच के रोमाच  से भरपूर एवं उतार-चढ़ाव तथा कांटे की टक्कर के मैच में आई जी  11 की टीम ने  आइटीबीपी को पराजित कर शहीद  कप 2021 में अपना कब्जा जमाया  फाइनल मैच मे आईटीबीपी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और उनकी टीम निर्धारित 12 ओवर में93 रन ही बना पाई । रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आई जी इलेवन  की टीम को प्रारंभिक झटके  शुरुआती   ओवरों में ही लग गए और आई जी की टीम एक वक्त संकट पर आ गई थी । लेकिन आई जी इलेवन  के बल्लेबाज  सन्नी जो कि सेमीफाइनल के लिए मैन आफ द मैच थे ने   संकट की घड़ी में अपनी टीम को ना सिर्फ  संकट से उबारा बल्कि अंत तक नाबाद  रहते हुए 57 रन की चमत्कारिक  पारी खेलकर अपनी टीम को शहीद का 2021 का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और फाइनल मैच के मैन ऑफ द मैच बने ।फाइनल मैच से पूर्व महिला पुलिस के दो टीमों के बीच एक प्रदर्शन मैच भी खेला गया जिसमें मनीषा गोयल ने शानदार 63 रन की पारी खेलकर दर्शकों को मंत्र मुक्त कर दिया  यह आयोजन  ना सिर्फ खेल भावना से ओतप्रोत रहा बल्कि अपने अनुशासित  भव्यता के लिए भी जाना जाएगा ।

इस पूरे आयोजन में  खेल प्रेमी, दर्शक  के साथ-साथ पुलिस के जवानों ने भी भरपूर आनंद उठाया ।आईपीएल की तर्ज पर प्रत्येक रोमांचकारी क्षणों में संगीत की मधुर धुन पर दर्शक एवं जवानों ने भरपूर नित्य कर दर्शकों को मोहित किया प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण  समारोह मे  मुख्य अतिथि के रूप आई जी दुर्ग विवेकानंद सिन्हा  मौजूद रहे ।साथ ही  जिले के कलेक्टर  डीके वर्मा, एस पी राजनांदगांव डी श्रवण,  पीटीएस के एसपी इरफान ,आइटीबीपी के कमांडेंट जी एल सिंह एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी गण  उपस्थित रहे । विजेता टीम आई जी11 को शहीद का विजेता ट्रॉफी के साथ नगद पुरस्कार एवं उपविजेता टीम आइटीबीपी को भी उपविजेता ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया । इसके साथ ही कई अन्य आकर्षक पुरस्कार भी  प्रदत किया गया प्रतिभागी दोनों महिला टीमों को ट्रॉफी एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया ।


सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज  जानी  ,सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर भूपेंद्र गुप्ता ,प्रतियोगिता  के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कुलदीप यादव सबसे क्षेत्रक  इंद्रजीत  तथा सर्वश्रेष्ठ बालर राकेश को पुरस्कृत किया गया पुरस्कार वितरण की बेला पर मुख्य अतिथि के आसंदी से  आईजी  सिन्हा ने कहां की खेल का जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है चाहे बात अनुशासन की हो शारीरिक चुस्ती फुर्ती की हो या फिर समर्पण  तथा कर्तव्यनिष्ठा की हो सब कि शिक्षा में खेल से मिलती है ।वही राजनंदगांव कलेक्टर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से आपसी सौहार्द भाई चारा एवं मेल मिला बड़ता है तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी जागृत होती है। एसपी डी  श्रवण ने अपने उद्बोधन में  कहां की ऐसे आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयास से ही संभव है ।

आभार वक्त धन्यवाद ज्ञापित करते हुए टंडन ने कहा कि आयोजन को सफल बनाने में सभी का  योगदान रहा  हम पुलिस परिवार की ओर से उन सभी शुक्रिया आभार धन्यवाद ।फाइनल मैच में अंपायर  के रूप  में नरेंद्र झा  और सुमित मिश्रा ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। वहीं कमेंटेटर के रूप वीरेंद्र दीवान शिक्षक ने खेल का जीवंत वर्णन कर दर्शकों को प्रभावित किया । पूरे मैच का लेखा-जोखा रखने में स्कोरर के रूप में राजा एवं बुद्धेश्वर ने योगदान दिया।