मध्यप्रदेश की डायरी:भोपाल ब्यूरो चीफ प्रणव पारे की कलम से-(रहा किनारे बैठ)- इसीलिए तो यहां अब भी अजनबी हूँ मैं तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं

मध्यप्रदेश की डायरी:भोपाल ब्यूरो चीफ  प्रणव पारे की कलम से-(रहा किनारे बैठ)- इसीलिए तो यहां अब भी अजनबी हूँ मैं तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं

 
हैप्पी डाटर्स डे - बाप के लिए पसीजा बेटी का दिल
भोपाल में डीजी स्तर के अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा का अपनी पत्नी के साथ मारपीट की घटना वाला वीडियो पिछले दिनों जमकर वायरल हुआ था। जिसमे हंगामा बढऩे की आशंका को देखते हुए सरकार तुरंत एक्शन में आई और पुरुषोत्तम शर्मा को न सिर्फ लाइन अटैच कर दिया गया बल्कि गृह विभाग द्वारा एक नोटिस भी जारी कर दिया गया। इसके बाद सरकार उनको कदाचरण का दोषी मानते हुए संस्पेड कर दिया। इस वीडियो में शर्मा द्वारा अपनी पत्नी को बेतहाशा पीटते हुए दिखाया गया है। इसके पूर्व एक वीडियो और जारी हुआ है जिसमे उनकी पत्नी एक महिला के घर घुस जाती है, जहां उनके पति शर्मा पहले से ही मौजूद दिखाई दे रहे हंै। शर्मा की पत्नी ने इस महिला के साथ अपने पति के अनैतिक संबंधों का आरोप लगाया है। घर पहुँचने के बाद सारी घटना घटित हुई, अब शर्मा जी का बेटा जो की एक आईआरएस अधिकारी भी है, ने बाप के विरुद्ध शिकायत की थी, तो दूसरी तरफ आज हुए एक नाटकीय घटनाक्रम में शर्मा की बेटी अपने पिता के पक्ष में आ गई। पुरुषोत्तम शर्मा की बेटी ने इस मामले में डीजीपी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अपनी मां के सभी आरोपों का खंडन किया है और अपनी मां को मानसिक रूप से बीमार बताया है। अब ये मामला किसी टीवी धारावाहिक की तरह होता जा रहा है। इधर, जिस महिला के कारण इतनी महाभारत हुई उसने शाहपुरा थाने में जाकर शर्मा और उनकी पत्नी दोनों के विरुद्ध चरित्र हत्या और निजता के हनन का मामला दर्ज करवा दिया है। रही सही कसर महिला आयोग ने भी पूरी कर दी। महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने नोटिस जारी करते हुए शर्मा जी को 05 अक्टूबर तक पेश होने के लिए कहा है। अब पूरे मामले में कोई दूसरा ही एंगल नजऱ आ रहा है। मां के साथ बेटा मजबूती से खड़ा है तो बाप के समर्थन में बिटिया सामने आ गई है। मामला कहीं किसी और ही बात पर जा सकता है इसकी सम्भावना ज्यादा दिखाई दे रही है।  

डंका बोले डूम डूम, जागो जागो अब तुम
नींद में हो क्यों तुम, मंगल मंगल मंगल हो

फिल्म मंगल-पांडे का टाइटल गीत आपको शायद याद हो 'मंगल मंगल मंगल होÓ बस यही गीत उपचुनावों की तारीख देखकर आपको याद आ जायेगा। मध्यप्रदेश के 28 सीटों पर 03 नवम्बर को मतदान होगा और 10 नवम्बर को इसके परिणाम घोषित हो जायेगे। आज मंगलवार को उपचुनावों की तारीखों की घोषणा हुई है, मतदान जिस दिन होगा यानि 3 नवम्बर को भी मंगलवार का दिन है और चुनाव परिणाम भी 10 नवम्बर यानि इस दिन भी मंगलवार ही है। अब किस राजनैतिक दल के लिए ये दिन मंगल होगा ये तो जनता-जनार्दन पर निर्भर करेगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के लिए अब ये लड़ाई आर-पार की होती जा रही है। कमलनाथ और कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है वहीं भाजपा को सरकार बचाये रखने के लिए मात्र 10 सीटों की दरकार है। वहीं कांग्रेस को पुन: वापसी के लिए 20 से ज्यादा सीटों पर जीतना होगा। वैसे भी 28 सीटों में से 27 सीटों पर कांग्रेस का ही कब्ज़ा था। मुक़ाबला दिलचस्प और धीरे-धीरे कांटे का होता जा रहा है। देखना यह है कि मंगल की ग्रह स्थिति किसकी कुंडली में मारक है और किसकी कुंडली में कारक। इस बार के उपचुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि कोविड संक्रमण की बढ़ती रफ़्तार के मद्देनजऱ चुनाव करवाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। महामारी के प्रकोप में चुनाव होने का अभी तक कहीं कोई जि़क्र सामने नहीं आता है। फिर चुनाव आयोग को मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। वहीं मास्क, सुरक्षा किट, सेनेटाइज़शन जैसे अतिरिक्त खर्च भी वहन करना पड़ रहा है तो दूसरी और मतदाता अपने घरों से कैसे बाहर निकलेगा इस बात की चिंता भी राजनैतिक दलों को सता रही है।

पूरे रायपुर से अलग है सैयां जी की शान- ससुराल गेंदाफूल
दिल्ली 6 फिल्म का ये गीत कभी बहुत लोकप्रिय हुआ थ। मूलत: ये एक छत्तीसगढ़ी लोकगीत है जिसमें एक बहु अपने ससुराल की बातें गीत में गाकर बता रही होती है कि सास गाली देती है, तो ननद चुटकी लेती है और पति जब बुशर्ट पहनकर और मुँह में पान का बीड़ा दबाके मोटरसाइकिल पे निकलता है तो उनकी शान रायपुर शहर में निराली होती है ससुराल गेंदा फूल। दिल्ली 6 का ये लोकप्रिय गाना सुनते-सुनते ओमप्रकाश धुर्वे आखिर दिल्ली पहुँच ही गए। मजेदार बात ये है कि धुर्वे छत्तीसगढ़ी गाना भी बहुत अच्छा गाते हंै और ये गीत भी छत्तीसगढ़ी में है। सुसराल से याद आया कि धुर्वे जी के क्षेत्र महाकौशल की राजधानी जबलपुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का ससुराल भी है, हालांकि इस बात का कोई प्रसंग नहीं बनता पर ये गीत आज बड़ा याद आ रहा है।

ससुराल गेंदाफूल।
बुशर्ट पहिने
खायिके बीड़ा पान
पूरे रायपुर से अलग है
सैयां जी की शान


इस गीत कि ये पंक्तियां भी ओमप्रकाश धुर्वे के व्यक्तित्व का बयान करती है केबिनेट मंत्री रहते हुए धुर्वे ने खुले मंच से अपशब्दों की बौछार भी की थी  जिसे लोग आज भी याद करते हंै। 2013 में शाहपुरा डिंडोरी से विधायक रहे और मध्यप्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लिए गए हैं। पूरे देश भर से लिए गए 13 राष्ट्रीय मंत्रियों में ओमप्रकाश धुर्वे को भी लिया गया है। कुछ लोगों को तो प्रतिक्रिया भी करते नहीं बन रही है। कांग्रेस पार्टी तो इस मामले में कुछ बोल भी नहीं सकती लेकिन जो लोग बोल सकते थे वो भी चुप हैं। 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में ओमप्रकाश धुर्वे को कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह मरावी ने 33000 वोटों से हराया था। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 16 प्रतिशत मत हासिल करके भाजपा को इस सीट से दूर कर दिया था। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का महाकौशल क्षेत्र में अब प्रसार बढ़ते जा रहा है। हालांकि, धीरे-धीरे इस पार्टी के बढ़ते प्रभाव पर किसी की नजऱ नहीं है, लेकिन किसी दिन भविष्य में इस पार्टी का विश्लेषण रानैतिक पंडितों को करना ही होगा। ओमप्रकाश धुर्वे का बढ़ता राजनैतिक कद इस पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकने में किस तरह कारगर हो सकता है, ये भाजपा संगठन का यदि फोकस है तो ये बहुत बड़ी भूल भी साबित होगी। क्योंकि, फि़लहाल यह तथ्य प्राथमिकता में नहीं है और किसको इसकी चिंता करना है उसको ये खबर भी नहीं है।