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कोरोना के उपचार के लिए डालमिया को आस्था-15 के उत्पादन की अनुमति मिली

कोरोना के उपचार के लिए डालमिया को आस्था-15 के उत्पादन की अनुमति मिली

नई दिल्ली, 12 नवम्बर।  डालमिया हेल्थकेयर लिमिटेड जल्द ही 15 औषधियों से बनाए गए एक पाॅलीहर्बल फाॅर्मुलेशन की घोषणा करने की तैयारी कर रही है। आस्था-15 नामक यह दवा कोविड-19 के उपचार में कारगर है तथा आयुष मंत्रालय से इसके उत्पादन को अनुमति मिल चुकी है।

कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के अनुरूप इलाज के लिए यह दवा अनुमोदित है। यह आयुर्वेदिक पाॅलीहर्बल कैप्सूल (भारतीय चिकित्सा प्रक्रिया)कोविड से पीड़ित मरीजों को एक सुरक्षित एवं प्रभावशाली आयुर्वेदिक फाॅर्मुलेशन देने के लिए विकसित किया गया है। परीक्षण के दौरान बेहतर परिणाम रहा है। डालमिया ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के अध्यक्ष संजय डालमिया ने यह घोषणा करते हुये कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। हमारे घरेलू आयुर्वेद और डालमिया हेल्थकेयर लिमिटेड ने कोविड मरीजों में सांस की समस्याओं के प्रभावशाली इलाज के लिए आस्था-15 का विकास किया। उन्होंने कहा, ‘‘डालमिया के शोध प्रकोष्ट, डालमिया सेंटर फाॅर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (डीसीआरडी)ने इस पाॅलीहर्बल मिश्रण, आस्था-15का विकास गहन व विस्तृत शोध के बाद किया है। हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इसके क्लिनिकल परीक्षण में सामने आया कि कोविड-19 के मरीजों में सुरक्षा की कोई समस्याएं नहीं देखी गईं। आस्था-15 ने खांसी, खराश में काफी कमी ला दी और कोविड-19 के मरीजों की सांस की प्रक्रिया में सुधार होने के साथ उन्हें तेजी से स्वास्थ्यलाभ मिला तथा इलाज के दौरान उनकी जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ”

उन्होंने कहा कि आस्था-15 आयुर्वेदिक इलाज में विश्वास पुनः स्थापित कर रही है। यह दवाई ब्रोंकोडाईलेटर, डिकाॅन्जेस्टैंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं लंग डिटाॅक्सिफायर के रूप में काम करती है। यह संक्रमण को दूर कर एलर्जिक प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करती है। यह सांस की नली एवं फेफड़ों की पेशियों की सतह पर जमे म्यूकोसाको प्रभावित करती है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव हैंतथा यह फेफड़ों में इन्फ्लेमेशन और काॅन्जेस्शन को दूर करती है।इसका निरंतर उपयोग फेफड़ों व पेशियों की सतह को होने वाली क्षति को कम करता है और उनमें उत्पन्न हो चुकी विकृति को पुनः ठीक करता है। कोविड-19 के मरीजों में पाई जाने वाली इन सभी समस्याओं काइलाज आस्था-15 से हो सकता है, इसकी पुष्टि हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व डालमिया हेल्थकेयर ने आयुष मंत्रालय /आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के अनुरूप एक क्लिनिकल परीक्षण द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए अपने पाॅलीहर्बल फाॅर्मुलेशन के प्रभावशाली व सुरक्षित होने का आंकलन किया और आस्था-15 के लिए अनुमोदन प्राप्त किया। दो चरणों की सफलता के बाद तीसरे चरण का ट्रायल आयुषके नियामक दिशानिर्देशों का पालन करते हुए क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए डीसीजीआई के साथ रजिस्टर्ड इन्फाॅमर्ड कंसेंट डिक्लेरेशन, इंश्योरेंस एवं हाॅस्पिटल एथिक्स कमिटी के अनुमोदन के अनुरूप विभिन्न केंद्रों में 120 से अधिक परिक्षण किये गये हैं। तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल सीटीआरआई पर रजिस्टर्ड है। आस्था-15 पहले चरण में कोविड अस्पतालों में इलाज करा रहे माईल्ड एवं माॅडरेट कोविड मरीजों के लिए लिखे गए पर्चे द्वारा मिलेगी। डालमिया हेल्थकेयर विभिन्न अस्पतालों में पालन की जाने वाली प्रक्रिया के अनुरूप एलोपैथिक अस्पतालों में आस्था-15 के उपयोग की अनुमति/अनुमोदन के लिए आवेदन करेगा। डालमिया की आस्था-15विश्व मेंभारत के घरेलू फाॅर्मुलेशन वाली पहली आयुर्वेदिक दवाई होगी, जो कोविड की बीमारी में सांस की समस्याओं का इलाज करेगी।