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Covid 19 : अब गंगा किनारे रेत में दफ़नाए जा रहे हैं शव

Covid 19 : अब गंगा किनारे रेत में दफ़नाए जा रहे हैं शव


नई दिल्ली, 18 मई।  बिहार और यूपी में गंगा नदी में बहते शवों के बाद अब गंगा किनारे की रेत में बड़ी संख्या में दफ़नाए गए शव मिल रहे हैं.

कानपुर, उन्नाव और फ़तेहपुर में सैकड़ों की संख्या में ऐसे शव मिलने से हड़कंप मच गया है. प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग अपनी परंपरा के अनुसार शव दफ़नाते हैं, जबकि स्थानीय लोगों के मुताबिक़, श्मशान घाटों की भीड़ और महँगे अंतिम संस्कार की वजह से लोग शवों को रेत में गाड़कर चले जा रहे हैं.

बुधवार को उन्नाव में गंगा नदी के किनारे कुछ घाटों पर जब बडी संख्या में कौवे और चील मँड़राते दिखे तो लोगों को संदेह हुआ. कुछ लोगों ने पास जाकर देखा तो भयानक तस्वीर दिखी.

गंगा नदी के किनारे कई शव रेत में ही दफ़न कर दिये गए थे. कुछ शव रेत से बाहर निकल आए थे जिन्हें कुत्ते नोंचकर खा रहे थे. कुछ शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिले क्योंकि रेत में उन्हें ज़्यादा भीतर नहीं गाड़ा गया था.उन्नाव के शुक्लागंज में गंगा किनारे कई घाट हैं जहाँ रेत पर बने ऐसे क़ब्रिस्तान बुधवार को दिखाई दिये.

तस्वीरें वायरल होने पर पता चला कि पिछले कई दिनों से गाँवों में मर रहे लोगों को उनके परिजन यहाँ आकर रेत में दबाकर चले जा रहे हैं.

शुक्लागंज के रहने वाले दिनकर साहू बताते हैं कि ऐसा कई दिनों से हो रहा है, लेकिन लोगों को पता नहीं चल पाया.

दिनकर साहू इसकी वजह बताते हैं, "श्मशान घाटों पर भीड़ और महँगी लकड़ी मिलने के कारण ग़रीब लोगों ने शवों को दफ़नाना शुरू कर दिया है. हालांकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है. लेकिन जिन लोगों ने भी ऐसा किया है उन्होंने मजबूरी में ही किया होगा."

हालांकि उन्नाव के ज़िलाधिकारी रवींद्र कुमार कहते हैं कि आस-पास के गाँवों में ऐसी परंपरा है कि लोग शवों को दफ़ना देते हैं, फिर भी हम इसकी जाँच कर रहे हैं.