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दिग्विजय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री से स्कूल कॉलेज खोलने की लगाई गुहार

दिग्विजय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री से स्कूल कॉलेज खोलने की लगाई गुहार


राजनांदगांव, 8 फरवरी। शिक्षा आंदोलन समिति के बैनर से आज दिग्विजय महाविद्यालय के मुख्य द्वार में हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से स्कूल कॉलेज खोलने की मांग करते 400 से अधिक विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर किया। हस्ताक्षर करने वाले विद्यार्थियों ने मौजूदा प्रदेश सरकार व महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाते हुए  शासन प्रशासन को विद्यार्थी विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की अस्पष्ट नीति का दंश महाविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थीयो को उठाना पड़ रहा है,  महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर हम विद्यार्थियों से सिर्फ छलावा किया आठ दस माह में पूरे होने वाले कोर्स को ऑनलाइन में तीन माह में ही पूर्ण कर दिए । ऑनलाइन क्लास में न गुणवत्ता थी और न ही पढ़ाने वाले प्राध्यापक ऑनलाइन क्लास के लिए प्रशिक्षित । गुणवत्ता हीन ऑनलाइन क्लास लेने के बाद ऑफलाइन परीक्षा लेने की तैयारी यूनिवर्सिटी द्वारा किया जा रहा है जो कि छात्र हित कदापि नहीं है।


पिछले शिक्षण सत्र के परीक्षा फीस का ब्योरा दे महाविद्यालय  प्रशासन 

स्कूल कॉलेज खोलने की मांग पर हस्ताक्षर अभियान में पहुँचे महाविद्यालय के छात्र अगेश्वर वर्मा ने महाविद्यालय प्रशासन से पिछले शिक्षण सत्र में परीक्षा फीस के नाम पर लिए शुल्क का ब्यौरा मांगते हुए कहा कि पिछले शिक्षण सत्र में सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नियमित व अनियमित विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन दिया गया था , जिससे छात्रों से महाविद्यालय प्रशासन ने जो परीक्षा शुल्क लिया था वह राशि किसी परीक्षा संबंधित कार्य मे व्यय नही किया गया , महाविद्यालय से विद्यार्थी नैतिकता राष्ट्रीयता ईमानदारी के गुण सीखते है अब  महाविद्यालय को पूरे ईमानदारी से विद्यार्थियों को पिछले शिक्षण सत्र का शुल्क वापस करना चाहिए । या प्राप्त शुल्क का आय व्यय सार्वजनिक करना चाहिए ।

प्रदेश सरकार जब तक  शैक्षणिक संस्थानो को खोलने का निर्णय न ले ले तब तक चलेगा प्रदर्शन

शिक्षा आंदोलन समिति के सूत्रधार नागेश यदु ने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार की युवा व , विद्यार्थियों के प्रति उदासीन रवैया को उजागर करते हुए हमारा आंदोलन प्रदर्शन चलता रहेगा ,प्रदेश  सरकार और जिला प्रशासन  शराब दुकान , चखना सेंटर , हुक्का बार को समाज के लिए अनिवार्य मानकर उन्हें बेधड़क रूप से संचालित करने की अनुमति प्रदान कर रही है पर शैक्षणिक संस्थानों को खोलने में शासन प्रशासन के हाथ पैर काँप रहे है सरकार के जिम्मेदार नुमाइंदों का कहना है कि स्कूल कॉलेज खुलने से कोरोना वायरस का चैन बढ़ेगा । जिससे समाज में वायरस के संक्रमण का भय बनेगा । जबकि वर्तमान में किसी भी क्षेत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नही किया जा रहा है , पढ़े लिखे जिम्मेदार अधिकारी यह भूल गए है कि अधिकांश शिक्षित वर्ग ही शासन प्रशासन के दिशा निर्देश का पालन करते है । शैक्षणिक संस्थानों को न खोलने पर शिक्षविदो का कहना है कि शासन प्रशासन शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के प्रति इसलिए गंभीर नही है क्योंकि स्कूल कॉलेज खुलने से सरकार को किसी प्रकार का राजस्व आय प्राप्त नहीं होता इसलिए सरकार शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के प्रति उदासीन  है।