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कृषि कानून को रद्द करना सरकार की मजबूरी

कृषि कानून को रद्द करना सरकार की मजबूरी

भाजपा और मोदी की अक्ल ठिकाने पर आई -आम आदमी पार्टी

 यूपी चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया निर्णय, भाजपा भरोसे के काबिल नही - तरुणा साबे बेदरकर

जगदलपुर ।  करीब साल भर से किसान, केंद्र की हठधर्मी, तानाशाह, किसान विरोधी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार से पूरे मनोयोग से लड़ाई लड़ रही है। खून जमा देने वाली ठंड से लेकर गर्मी, धूप बरसात, बदनामी, फर्जी एफआईआर सभी तरह की अत्याचार किसानों ने झेले। लेकिन कहते हैं, आखिरकर सत्य की जीत होती है, तो किसानों ने इस लड़ाई की पहली पड़ाव जीत ली है। आम आदमी पार्टी के सभी नेता किसानों के इस निर्णायक लड़ाई में कंधा से कंधा मिलाकर चलते रहे और आगे भी लड़ते रहें हैं।

सत्य के मार्ग पर चलने वाले को कष्ट झेलने पड़ते हैं -कोमल हुपेंडी

आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा जो सत्य के मार्ग पर चलता है उसे कष्ट झेलने पड़ते हैं, भले ही किसानों को इस लड़ाई में शहादत देनी पड़ी है, अत्याचार सहने पड़ा, पर ये तो तय था की घमंडी, अत्याचारी मोदी सरकार को झुकना पड़ेगा और वह झुकी। 

 जिन किसानों को खालिस्तानी और डकैत कहने से भाजपा के नेता नहीं चुके उन्हीं किसानों के दबाव में मोदी और भाजपा सरकार को झुकना पड़ा है। लेकिन जब तक केंद्र की सरकार इस तीनों काले कृषि कानून को रद्द नहीं कर देती है उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस घोषणा के लिए प्रकाश पर्व को चुना ताकि उनकी आलोचना न हो।

जो धोखा इस देश को भाजपा सरकार ने दी है वैसा धोखा प्रजातंत्र में कोई भी सरकार नहीं कर सकती। कोमल हुपेंडी ने कहा मोदी सरकार ने दिल्ली बोर्डर से लेकर लखीमपुर खीरी तक में 750 से भी अधिक किसानों की बली ले ली है।

केंद्र की मोदी सरकार हाथ किसानों के खून से रंगें हैं। इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मोदी सरकार ने षडयंत्रपूर्वक तीनो कृषि कानून अपने चुनिंदा उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने को लेकर आई है। मोदी को सीधे लोगों के आखों में धूल झोंकने से पहले एक अध्यादेश लाना चाहिए था उसने कानून रद्द कर दी।

 आप मांग करती है सभी किसानों मोदी सरकार माफी मांगें। लखीमपुर खीरी कांड में फंसे मंत्री उसके बेटे, यहां तक यूपी सरकार को पहले बर्खास्त करें। पहले पेट्रोल डीजल की कीमत 60 रूपये तक लेकर आए। सभी फसलों पर एमएसपी दें तब जाकर तानाशाही मोदी सरकार को लेकर लोगों के गुस्सा ठंडा होगा।

किसानों के हित के लिए सदैव लड़ते आए हैं, आगे भी लड़ेंगे -तरुणा साबे

आम आदमी पार्टी, बस्तर की जिला अध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा हैकि किसानों के हित में संघर्ष उनकी पार्टी सदैव करते आई है। चाहे केंद्र में तानाशाही मोदी की सरकार हो या छत्तीसगढ़ राज्य में भूपेश बघेल की लबारी मारने वाली सरकार, किसानों के हित के लिए आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर खेतों से लेकर संसद तक की संघर्ष करने व अपने हक़, अधिकार व सम्मान की रक्षा हेतु सदैव लड़ने के लिए तैयार है।