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बस्तर संभाग अंतर्गत पंजीबद्ध अपराधों की चार वर्षीय तुलनात्मक आकड़े

बस्तर संभाग अंतर्गत पंजीबद्ध अपराधों की चार वर्षीय तुलनात्मक आकड़े

जगदलपुर, 2 जनवरी। बस्तर रेंज में भारतीय दण्ड विधान के तहत गत वर्ष 2019 की तुलना में आलोच्य वर्ष 2020 में हत्या , हत्या का प्रयास , नकबजनी , चोरी , अपहरण / व्यपहरण , धोखाधड़ी , उपेक्षापूर्ण कार्य से मृत्यु / दुर्घटना , आगजनी शीर्ष एवं नक्सली वारदातों में कमी आई है । वर्ष 2017 से 2020 तक भारतीय दण्ड विधान के तहत पंजीबद्ध अपराधों के चार वर्षीय तुलनात्मक आकड़े निम्नानुसार है । 

बस्तर संभाग अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2020 में 187 आरोपियों के कब्जे से 9,806 कि.ग्रा . अवैध मादक पदार्थ ( गांजा ) जप्त कर कुल 99 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं । जप्त मादक पदार्थ ( गांजा ) का अनुमानित बाजार मूल्य रू . 4,90,00000 / ( चार करोड़ नब्बे लाख ) है।

बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरुद्ध अभियान संबंधी जानकारी 

छत्तीसगढ़ शासन की " विश्वास - विकास - सुरक्षा " त्रिवेणी कार्य योजना के अनुरूप बस्तर क्षेत्र में तैनात छत्तीसगढ़ पुलिस , केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल , सीमा सुरक्षा बल , भारत - तिब्बत सीमा पुलिस एवं सशस्त्र सुरक्षा बल द्वारा बेहतरीन कार्य करते हुये नक्सल गतिविधियों के ऊपर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है । आगामी दिनों में इस कार्यायोजना को और बेहतर क्रियान्वयन करते हुये क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने के साथ - साथ विकास कार्य को गति प्रदान करने अनुकूल वातावरण निर्मित की जायेगी । बस्तर संभाग अंतर्गत वर्ष 2020 में नक्सल विरोधी अभियान हेतु जिला स्तर में बोदली , तिरिया , भडरीमहु जिला दन्तेवाड़ा में भोगाम , टेटम , बड़ेकरका, जिला नारायणपुर कड़ेमेटा , जिला बीजापुर में घरमावरम , तरैम , बेचापाल , जिला कांकेर में कामतेडा , कटगांव एवं जिला सुकमा में कमारगुड़ा , मिनपा इस प्रकार कुल 14 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किये गये हैं । इन कैम्पों के माध्यम से नक्सल विरोधी अभियान के साथ - साथ जनसुविधा के लिए आवागमन हेतु सड़क , पुल - पुलिया निर्माण कार्य को भी सुरक्षा प्रदान की जा रही है। 

बस्तर संभाग अंतर्गत स्थापित किये गये नवीन सुरक्षा कैम्पों की जानकारी : जिला स्थापित किये गये नवीन सुरक्षा कैम्प बस्तर बोदली, तिरिया, भडरीमहु, दन्तेवाड़ा भोगाम, टेटम, बड़ेकरका, नारायणपुर कड़ेमेटा, बीजापुर धरमावरम, तरम, बेचापाल,कांकेर कामतेड़ा, कटगांव, सुकमा कमारगुडा, मिनपा शामिल है।

बस्तर संभाग अन्तर्गत सुरक्षा बलों के माध्यम से वर्ष 2020 में निम्नानुसार . विकास कार्यों को गति प्रदान की गई है : आरआरपी योजना के माध्यम से Road connectivity विकसित किया जा रहा है । वर्ष 2020 में लगभग 400 कि.मी. सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है । पल्ली - बारसूर सड़क जो विगत 30 वर्षों से निर्माण नहीं हो पाया था , जिसे प्रारम्भ किया जाकर वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है । इसी प्रकार कई वर्षों से बंद पड़ा अरनपुर - जगरगुंडा मार्ग को माह नवम्बर , 2020 में कमारगुड़ा कैम्प स्थापित किया जाकर वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है , जिससे जगरगुंडा , बासागुड़ा , अरनपुर क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालय तक आवागमन में सुविधा होगी । इन्द्रावती नदी के ऊपर 03 महत्त्वपूर्ण पुल ( बड़ेकरका , छिंदनार " जिला दन्तेवाड़ा एवं फुण्डरी " जिला बीजापुर " ) का निर्माण कार्य प्रगति पर है । एयर कनेक्टिविटी हेतु हैदराबाद - जगदलपुर - रायपुर विमान सेवा दिनांक 21.09.2020 से प्रारम्भ किया गया । एल.डब्ल्यू.ई क्षेत्रों में अत्यंत नक्सल संवेदनशील ईलाके में स्थित जिला सुकमा के ग्राम गोलापल्ली , पालोड़ी , एलारमडगु में बिजली सुविधा उपलब्ध कराई गई । SCA ( Special Central Assistance ) फण्ड का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चरल गैप को कम करने में उपयोग किया जा रहा है । अधिकांश नक्सल प्रभावित इलाकों में काफी लम्बे समय पश्चात स्कूल / आश्रमों को प्रारम्भ कराया गया । सार्वजनिक वितरण प्रणाली ( PDS ) के दुकानों को नवीन स्थापित सुरक्षा कैम्पों के नजदीक खुलवाया गया । जैसे पोटाली , बोदली ।

 वर्ष 2020 में बस्तर संभाग अंतर्गत पुलिस / सुरक्षा बलों द्वारा संचालित नक्सल विरुद्ध अभियान में 112 पुलिस - नक्सली मुठभेड़ हुई , जिसमें 40 माओवादी मारे गये , 438 माओवादी गिरफ्तार किये गये एवं माओवादियों के 80 हथियार एवं 290 आईईडी बरामद किये गये हैं । क्षेत्र में माओवादियों के विरूद्ध अभियानों के संचालन के साथ - साथ नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी कैडरों को आत्मसमर्पण करने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है । विशेषकर जिला दन्तेवाड़ा में " लोन वर्राटू " अभियान चलाया जा रहा है , जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं । वर्ष 2020 में 342 माओवादियों द्वारा हिंसा त्यागकर माओवादी संगठन को छोड़कर शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया गया , जिन्हें शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की गई है ।

बस्तर संभाग अंतर्गत जिलों के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण जनता में पुलिस के प्रति अविश्वास , डर की भावना को खत्म करने , पुलिस एवं जनता के मध्य संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम प्रारंभ किया गया । शुरूआत में सामुदायिक पुलिसिंग को सिविक एक्शन के नाम से चलाया गया , फिर इसे और गति देने एवं सार्थक बनाने के लिये स्थानीय बोली गोंडी , हल्बी , भतरी इत्यादि भाषाओं में विभिन्न नाम दिये गये हैं , जिनका विवरण निम्नानुसार है ।

 जिला सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का नाम हिन्दी शाब्दिक अर्थ आमचो बस्तर आमचो पुलिस हमारा बस्तर हमारा पुलिस , बीजापुर मनवा पूना बीजापुर मेरा नया बीजापुर, सुकमा तेंदमून्ता बस्तर जागो बस्तर, दन्तेवाड़ा मनवा दन्तेवाड़ा- मनवा पुलिस मेरा दन्तेवाड़ा- मेरा पुलिस, नारायणपुर निया नार निया पुलिस अपना गांव अपना पुलिस,  आमचो पुलिस कोण्डागांव आमचो पुलिस आमचो संगवारी, हमारा पुलिस हमारा संगवारी, कांकेर जोहार संगवारी।  जिलों में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस एवं जनता के मध्य दूरी कम की जाकर बेहतर सेवा देने हेतु लगातार कार्यवाही की जा रही है । प्रतिबंधित गैर कानूनी माओवादी संगठन का असली चेहरा को उजागर करने हेतु बस्तर संभाग में पुलिस / सुरक्षा बलों द्वारा “ बस्तर ता माटा " के नाम से स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल करते हुये माओवादियों के विरूद्ध प्रचार अभियान ( Psy Ops / Counter Propaganda War ) संचालित किया जा रहा है । वर्ष 2020 में COVID - 19 , Lockdown इत्यादि चुनौती की परिस्थिति में पुलिस / सुरक्षा बलों के कुल 6960 अधिकारी / कर्मचारी संक्रमित होने के बावजूद भी बस्तर क्षेत्र की जनता के जान - माल की सुरक्षा हेतु स्थानीय पुलिस बल , विशेष बल ( STEIDRG / COBRA ) एवं केन्द्रीय सुरक्षा बल ( CRPF , BSF , ITBP , SSB ) द्वारा समर्पित होकर कार्य किया गया ।