breaking news New

लाल आतंक से छुटकारा के बाद आत्मा समर्पित नक्सली दंपति के जीवन में आई खुशियां

लाल आतंक से छुटकारा के बाद आत्मा समर्पित नक्सली दंपति के जीवन में आई खुशियां

दंतेवाड़ा।   आत्मा समर्पित नक्सली दंपति हरदेश व आसमती पति पत्नी के जीवन में बच्चे की किलकारियां से पति-पत्नी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा !

पीडियाकोट के रहने वाले दम्पत्ति हरदेश व आसमती नक्सली संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारी मिली थी जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के सम्पर्क आए दोनों में प्रेम हों गया जिसके बाद नक्सली संगठन में रहते रहते दोनों ने 2018 में शादी कर ली और छः माह बाद आसमती गर्भवती हो गई

जिसकी बात दोनों पति-पत्नी ने नक्सली संगठन से छिपा कर रखीं पंरतु जब यह बात नक्सली संगठन को पता चलीं तो नक्सली संगठन ने आसमती के गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने की नक्सलियों द्वारा पुरी साजिश रची गई पंरतु जिसकी भनक दोनों पति-पत्नी को लग गई और दोनों पति-पत्नी ने पुलिस से सम्पर्क किया और मौका मिलते ही नक्सली संगठन से भाग निकले और 21 अगस्त को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया

जिसके बाद पुलिस कप्तान एसपी अभिषेक पल्लव ने उनकी देखभाल का जिम्मा लिया और शासन द्वारा पुनर्वास नीति के तहत उन्हें अच्छा जीवन यापन के लिए घर दिया गया जिसके बाद दोनों पति-पत्नी अच्छा जीवन व्यतीत करने लगे अब जा कर दोनों पति-पत्नी के जीवन में एक बेटा ने जन्म दिया जिसके बाद दोनों का ख़ुशी का ठिकाना नहीं है 

हरदेश ने बताया कि पीडियाकोट का रहना वाला हूं मेरे पिता ने मुझे स्कुल में भर्ती कराया और मैं पढ़ाई करने लगा पिता की मृत्यु के बाद में गांव आ गया और गांव में रह कर छोटे मोटे काम करने लगा जिसके बाद गांव में आकर जनमिलेशिया कमांड  ने मुझे जबरदस्ती नक्सली संगठन में भर्ती दिया और मैं वहां रह कर जनमिलेशिया सदस्य बन गया और चुकी में पढ़ा-लिखा था तो मुझे वहां नक्सली संगठन के बच्चों को  पढ़ना लिखना की जिम्मेदारी सौंपी गई 

जिसके बाद वही सीएनएम् सदस्य आसमती से मुलाकात हुई और दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और हम दोनों ने विवाह कर लिया जिसके बाद आसमती गर्भवती हो गई।