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नियम कानून ताक में रखकर 3 महिला स्व सहायता समूह को रेडी डू इट वितरण का दिया गया प्रभार

नियम कानून ताक में रखकर 3 महिला स्व सहायता समूह को रेडी डू इट वितरण का दिया गया प्रभार

मालखरौदा। नियमों को ताक में रखकर 3 महिला स्व सहायता समूह को  रेडी डू इट वितरण का प्रभार दे दिया गया।  महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय मालखरौदा का पहले 8 सेक्टर में 8 महिला स्व सहायता समूह रेडी टू ईट वितरण का कार्य कर रहे थे नवंबर माह में सिंघरा, अड़भार,अमेराडीह,नरियरा, मालखरौदा सेक्टर की रेडी टू ईट  वितरण करने वाले महिला स्व सहायता समूह का अनुबंध खत्म हो गया था।  फिर भी इन समूहों को जनवरी माह तक रेडी टू ईट वितरण करने दिया गया किंतु ऐसा क्या हो गया कि अचानक यह महिला स्व सहायता समूह को हटाकर तीन अन्य रेडी टू ईट वितरण करने वाले नये महिला स्व सहायता समूह को इनका प्रभार दे दिया गया।  

 अक्टूबर माह में क्षेत्र के महिला स्व सहायता समूह से रेडी टू ईट वितरण करने के लिए आवेदन मंगाया गया था लेकिन जिला परियोजना कार्यालय ने आज तक इन महिला स्व सहायता समूह को आवंटन नहीं किया बल्कि 5 महिला स्व सहायता समूह को हटा दिया गया, मालखरौदा के परियोजना अधिकारी रेखा श्रीवास्तव  की अनुशंसा से वही 3 समूह को इन पांच जगह का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। 


 फगुरम की महिला स्व सहायता समूह को अडभार , इसी प्रकार सतगढ़ के सखी सहेली महिला स्व सहायता समूह को सिंघरा एवं सकर्रा सेक्टर का प्रभार दिया गया।  इसके अलावा बडे रबेली की महिला स्व सहायता समूह को छपोरा एवं नरियरा का प्रभार सौंपा गया, वही बताया जा रहा है कि जिन समूह को ईन सेक्टर का प्रभार दिया गया है उनका पूर्व से संचालित रेडी टू इट निर्माण से संबंधित टेस्ट रिपोर्ट जांच के लिए भेजा गया था  वह आज तक नहीं आया है और इन समूह को 5 जगह का प्रभार दे दिया गया है।  चौंकाने वाली बात है कि  पूर्व में संचालित पांच महिला स्व सहायता समूह को बिना अनुबंध के 2 माह तक चलाने दे दिया गया तो क्या वजह है कि आज तक जिन समूह का टेस्ट रिपोर्ट नहीं नहीं आया है।  उन्हें पुराने समूह को हटाकर नए समूह को रेडी टू इट वितरण की जिम्मेदारी दे दिया गया।  जबकि जिले के अन्य ब्लॉक के पुराने समूह अभी भी रेडी टू इट का वितरण कर रहे हैं इसको लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। 

रेखा श्रीवास्तव परियोजना अधिकारी मालखरौदा महिला एवं बाल विकास विभाग 5 सेक्टर का अनुबंध नवंबर माह में समाप्त हो गया था इन समूहों को हटाकर इनकी जगह 3 अन्य समूह में अटैच करने का अनुशंसा किया गया था  जिला परियोजना कार्यालय के आदेश के बाद वितरण के लिए प्रभार दिया गया है।

गनपति साहू

महिला स्व सहायता समूह नरियरा

हम लोग से मैडम 5 परसेंट से ज्यादा कमीशन मांग रहा था,