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सक्ती सब्जी मार्केट में सिर्फ सरकारी दस्तावेजों में सामाजिक दूरी की बात हो रही है

सक्ती सब्जी मार्केट में सिर्फ सरकारी दस्तावेजों में सामाजिक दूरी की बात हो रही है

वास्तविक में सामाजिक दूरी से कोशों दूर है नगर का अस्थाई सब्जी मार्केट

सक्ती , 29 मार्च। नगर में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पूरी तरह से प्रयास किया जा रहा है। शासन प्रशासन के साथ साथ कई समाजसेवी संगठन भी इस परिस्थिति से लड़ने के लिए सहयोग कर रही है। 

यहां बताना लाज़मी होगा कि देश मे लॉक डाउन सिर्फ इसलिए किया गया है ताकि सामाजिक दूरी बनाकर इस महामारी को फैलने से रोकना है, और इसके लिए आम जन हर तरह से सरकार के बताए दिशा निर्देशों का पालन भी कर रहे है। लोगों को परेसानी ना हो कह कर कुछ छूट दी जा रही है लेकिन इस छूट का नाजायज फायदा भी हमारे बीच के लोगों द्वारा ही उठाया जा रहा है। सक्ती नगर में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक के लिए हटरी के रूप में स्थानीय बुधवारी बाजार मैदान में सब्जी मार्केट खोलने की अनुमति दी गई है जहाँ सामाजिक दूरी का पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है, नाम के लिए एक दूरी तय की गई है लेकिन, लेकिन कोई भी इसका पालन नहीं कर रहा है, वहीं हर कोई सब्जी खरीदते वक्त सब्जियों को छांट रहा जिससे कई लोगों का हाथ उन सब्जियों पर पड़ रहा है ऐसी स्थिति में हम लगातार अपने आप को इस बीमारी की दावत दे रहें है। वही नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी भी बाकायदा सब्जी मार्केट के देख रेख के लिए तैनात है लेकिन वे भी किसी को भी इस बारे ना तो समझा रहें है, नाहीं मना कर रहे है। उदारता अच्छी बात है लेकिन इस उदारता से अगर नुकसान है तो ऐसी उदारता का क्या मतलब है। सक्ती के नगर प्रशासन की बात करें तो वो सिर्फ अपनी बला टालने जैसा ही काम कर रहा है जबकि नगर प्रशासन को लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना चाहिए, क्योंकि नपा के लोग वहां लगातार मौजूद रहते है। कई प्रबुद्ध तो सब्जी मार्केट ही सिर्फ इसी वजह से जाना बन्द कर दिए। हमारी सुरक्षा हमारे हाथों ऐसा हम बोलते है, लेकिन सब्जी मार्केट की स्थिति को देख लगता है कि हमारी बर्बादी ही हमारे हाथों हो रही है, शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए कड़ा रुख लेना होगा नही तो सारे किये कराए पर पानी फिर जाएगा।