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केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों को दिवाली का तोहफा, तीन फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता

केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों को दिवाली का तोहफा, तीन फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता

  नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत तीन प्रतिशत बढ़ा दिया। देश के एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों व पेंशनरों को यह दिवाली सौगात है। 

अब उन्हें कुल 31 फीसदी डीए मिलेगा। गुरुवार सुबह हुई कैबिनेट बैठक की समाप्ति के बाद केद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने बताया कि डीए में बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के कम से कम 47 लाख कर्मचारियों व 68 लाख पेंशनरों को लाभ होगा। यह लाभ एक जुलाई 2021 से प्रभावी माना जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत लाभों को अस्थायी रूप से रोक दिया था। केंद्र सरकार ने इससे पहले जुलाई में अपने कर्मचारियों का डीए 11 फीसदी बढ़ाकर कुल 28 फीसदी कर दिया था। इससे पहले 17 फीसदी डीए दिया जा रहा था। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार इजाफा होता है। अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 20 हजार रुपये है तो उसे महंगाई भत्ते के तौर पर अभी 5,600 रुपये मिल रहे हैं। ये रकम मूल वेतन का 28 फीसदी है। डीए में 3 फीसदी का इजाफा होने के बाद कर्मचारी को डीए के तौर पर 6,200 रुपये मिलेंगे। यानी इसमें 600 रुपये का इजाफा होगा। मूल वेतन बढऩे से महंगाई भत्ते की कुल रकम में भी बढ़ोतरी हो जाएगी।

कैबिनेट ने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के क्रियान्वयन को भी मंजूरी दे दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने 13 अक्तूबर को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना की शुरुआत की थी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा था कि प्रधानमंत्री गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान 21वीं सदी के भारत की गति को शक्ति देगा। अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को इस राष्ट्रीय योजना से गति शक्ति मिलेगी। 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान की मॉनिटरिंग थ्री टियर सिस्टम में की जाएगी। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे। इनकी अध्यक्षता में एक सचिवों का अधिकार प्राप्त समूह बनेगा। गति शक्ति मास्टर प्लान का उद्देश्य मल्टी मोडल कनेक्टिविटी को लागू करना, उसकी निगरानी करना है।