छत्तीसगढ़ में फिर एक हाथी की करंट से मौत

छत्तीसगढ़ में फिर एक हाथी की करंट से मौत


गरियाबंद। प्रदेश में एक बार फिर करंट लगने से एक हाथी की मौत हो गई। मामला धवलपुर रेंज के पारागांव का है। जहां 11 केव्ही तार के चपेट में हाथी आ गया। घटना आज सुबह की बताई जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से लगभग 20 हाथियों का झुंड मैनपुर व धवलपुर इलाके में घूम रहा था। आज हाथियों का दल धवलपुर के पारागांव होते ओडिशा की ओर रवाना हुए थे। इसी बीच एक हाथी बिजली तार के चपेट में आ गया। हाथी की मौत के बाद उनके साथी चिंघाड़ते हुए आगे निकल गए। वन विभाग के आला अफसर मौके पर पहुंचे हैं। अफसर मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 11 केव्ही के झूल रहे तार की मरम्मत के लिए किसानों ने कई बार बिजली विभाग को कहा था, पर मेंटेन्स वर्क विभाग ने नहीं कराया। यही वजह है कि झूल रहे तार की चपेट में आने से हाथी को जान गंवाना पड़ा। डीएफओ मयंक अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक दंतैल हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। बिजली विभाग की लापरवाही से हाथी की जान गई है। 11 केव्ही तार महज 8 फीट पर झूल रहा है। आवश्यक कार्यवाही किया जा रहा है। इससे पहले 25 सितंबर को पिथौरा वन परिक्षेत्र के किसनपुर गांव में एक मादा हाथी की मौत हुई थी, जिसकी जानकारी ग्रामीणों को अगले दिन सुबह हुई। घटना स्थल पर जले हुए लकड़ी के तुकड़े व जंगली जानवरों को पकडऩे के लिए बिछाए गए तार बरामद हुआ था।
ग्रामीण बोले- कई बार शिकायत की, लेकिन तार नहीं हटाए गए
ग्रामीणों का कहना है कि खेत के ऊपर लटक रहे तारों को लेकर कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की, लेकिन नहीं हटाया गया। डीएफओ मयंक अग्रवाल ने उन्होंने बताया कि एक दंतैल हाथी की करंट लगने से मरा है। उन्होंने भी इसमें बिजली विभाग की लापरवाही की बात कही है। साथ ही बताया कि आगे आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
चार माह में 12 हाथियों की हो चुकी है मौत
छत्तीसगढ़ में महज चार माह में 12 हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें से 3 सितंबर माह में ही मारे गए हैं। 26 सितंबर को महासमुंद में करंट लगने से हाथी की मौत हुई। उससे पहले 22 तारीख को धरमजयगढ़ के मेंढरमार में करंट से हाथी की मौत हुई थी। इस संबंध में पीसीसीएफ ने रिपोर्ट मांगी है। साथ ही लटके तारों को भी हटाने के लिए कहा है।