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दो दिनों से ग्रामीणों का चक्काजाम, पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम ने जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जताई नाराजगी

दो दिनों से ग्रामीणों का चक्काजाम, पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम ने जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जताई नाराजगी



नारायणपुर।
नारायणपुर-ओरछा मार्ग पर सात जिलो के हजारो ग्रामीण पिछले 30 घंटो से लगातार आमदई खदान को बंद करने की मांग को लेकर चक्काजाम कर डटे हुए है ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें आदमई खदान को बंद करने का पूर्ण आश्वासन  नही दिया जाता तब तक हम लगातार यहां डटे रहेंगे। बिना ग्रामीणों की जनसुनवाई कर अधिकारी और निको कम्पनी अपनी मनमानी कर रहे है खदान के खुलने से वातावरण प्रदूषित होने के साथ साथ हमारे देवी देवता जिनको हम पूजते है ये पहाड़ उन्हें हम खोदाई करने नही देंगे । वही पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम व नारायणपुर जिले के आदिवासी नेता धरना स्थल पहुचे और ग्रामीणों की बाते सुनी औरअरविंद नेताम ने कहा कि  ग्राम पंचायत के अनुमोदन बिना लिए बन्द कमरे में जनसुनवाई करना गलत है।
निको कम्पनी को फायदा पहुंचाने अधिकारी दलाली का काम कर रहे हंै और ग्रामीणों के आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन का जो रवैया है जो कि काफी गलत है क्या कलेक्टर यहां के ग्रामीणों को अबूझ ही समझते हैं । ज्ञात हो कि अपनी मांगों को लेकर हजारो ग्रामीणों दो दिनों से नारायणपुर ओरछा मार्ग पर धौड़ाई में चक्काजाम करके डटे हुए है । खुले आसमान के नीचे इस कड़कड़ाती ठंड में अपनी मांगों को लेकर डटे ग्रामीणों के प्रति जिला प्रशासन का रवैया उदासीन नजर आया ।
ग्रामीण जिला कलेक्टर, एसपी या फिर विधायक के सामने अपनी बातें रखना चाहते थे लेकिन उनकी बातों को सुनने के लिए नायब तहसीलदार को भेज दिया गया जिससे ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि आवेदन दे देकर हम थक गए है अब हमें हमारी मांग पर जल्द कार्यवाही चाहिए जिसके लिए हमे भले कितने ही दिन यहां सड़क पर क्यो ना बैठना पड़े । आंदोलन के दूसरे दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की बाते सुनकर कहा कि जिला प्रशासन बन्द कमरे में जन सुनवाई कर निको कम्पनी की दलाली खाने में लगा है ऐसा हम होने नही देंगे। जब तक ग्राम पंचायत अपना अनुमोदन नहीं देती है तब तक कोई भी खुदाई का काम शुरू नहीं होगा।