फूड इंस्पेक्टर ने ट्रैफिक पुलिस से की बदतमीजी, सपोर्ट में उतरा महिला अधिकारी का पति, फोन लगाकर पत्रकार को धमकाने की कोशिश

फूड इंस्पेक्टर ने ट्रैफिक पुलिस से की बदतमीजी, सपोर्ट में उतरा महिला अधिकारी का पति, फोन लगाकर पत्रकार को धमकाने की कोशिश

रायपुर. लॉकडाउन में आम नागरिकों की सुरक्षा और कड़ी व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस और यातयात पुलिस दिन-रात मदद कर रहे हैं और चेक पोस्ट पर वाहनों की जांच कर रहे हैं।

मगर अब इनके दुश्मन सरकारी विभाग के अफसर ही बन रहे हैं। हुआ कुछ ऐसा कि मोवा क्षेत्र में यातायात पुलिस द्वारा वाहन व लोगों के मास्क की जांच की जा रही थी तभी एक युवक बिना हेलमेट, मास्क व बिना कागजात की स्कूटी लेकर निकला जिसे यातायात पुलिस द्वारा रोका गया। युवक ने खाद्य विभाग का हवाला देकर रायपुर जोन की फ़ूड इंस्पेक्टर वीणा किरण से बातचीत कराई। मगर महिला अधिकारी ने अपने विभाग की गलती स्वीकार न करके उल्टा पुलिस को खरी-खोटी सुनाई साथ ही आला अधिकारियों को धमकी भी दी।

फेमिनिज्म को लाया आगे
महिला अधिकारी वीणा किरण ने यातायात पुलिस को नारीवाद की परिभाषा भी समझाई। मगर अधिकारी यह भूल गई कि वाहनों की जांच करने वाले पुलिस वाले कोई निजी काम नहीं कर रहे, बल्कि वे भी देशहित में कार्य कर रहे हैं। इस मामले में टीम ने बात की तो महिला अधिकारी ने पत्रकार को अपने पति से कॉल करवाकर धमकी दिलाई।

पति बोला- आप कौन होते हो प्रश्न करने वाले
हैरानी की बात यह है कि फ़ूड इंस्पेक्टर वीणा किरण ने अपने पति हिमांशु साहू को घटना की जानकारी दी और तैश में आकर हिमांशु ने पत्रकार को कॉल किया और बोला कि मेरी पत्नी के काम में प्रश्न करने वाले आप कौन होते हैं। यह घटना स्पस्ट करती है कि विभाग के लोग ही कानून व्यवस्था को तोड़ने पर उतारू हैं और विभागीय काम के बीच पति को लाना एक गैर जिम्मेदाराना हरकत है।

कानून का पालन करना जरूरी
कोई भी सरकारी अधिकारी अगर कानून का उल्लंघन करता है तो वह गलत है। लॉकडाउन में मिल—जुलकर सहयोग देना आवश्यक है। महिला अधिकारी द्वारा अगर ऐसी हरकत की गई है तो उनसे बात की जाएगी। सविता मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर, श्रम विभाग छत्तीसगढ़