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वैक्सीनेशन को लेकर 11 जनवरी को PM मोदी करेंगे सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक

वैक्सीनेशन को लेकर 11 जनवरी को PM मोदी करेंगे सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक

 नईदिल्ली। देश में कोरोना के टीकाकरण की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन चल रहे हैं। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी यानी सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना टीकाकरण की तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के बाद सोमवार को ही देश में कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत की तारीख का ऐलान हो सकता है।

मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह बैठक सोमवार शाम 4 बजे से शुरू हो सकती है। शुक्रवार से वैक्सीनेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। सभी राज्यों में ड्राई रन के रूप में कोरोना टीकाकरण का पूर्वाभ्यास भी हो चुका है। शुक्रवार को यूपी और हरियाणा को छोड़कर देश के बाकी सभी 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा देशव्यापी ड्राई रन चला। ये ड्राई रन कुल 736 जिलों में तीन सत्रों में चल रहा है। यूपी और हरियाणा पहले ही ड्राई रन कर चुके हैं।

कोरोना वैक्सीनेशन के ड्राई रन के दौरान अलग-अलग राज्यों से जो शिकायतें आईं हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है। ड्राई रन से पहले ही कुछ राज्यों ने सॉफ्टवेयर, कनेक्टिविटी और ब्रॉडबैंड से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जता चुके हैं। देश में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पहला ड्राई रन 28-29 दिसंबर को 8 जिलों में हुआ था। पहला देशव्यापी ड्राई रन 2 जनवरी को 74 जिलों में हुआ था। ड्राई रन के जरिए वैक्सीनेशन के लिए सरकार की तरफ से बनाए गए ऐप 'कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (Co-WIN)' का भी टेस्ट किया जा रहा है। कोविन के जरिए ही उन लोगों का रजिस्ट्रेशन होगा जिन्हें टीका लगनी है और रियल टाइम में ऐसे लोगों की ट्रैकिंग हो सकेगी।

    भारत सरकार की तरफ से इसके लिए प्रायोरिटी ग्रुप का चयन किया गया है। सरकार तीन चरणों में टीका लगवाएगी। पहले चरण में सभी फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स व हाई रिस्क डेथ वाले और दूसरे चरण में इमरजेंसी सर्विसेज से जुड़े लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में उन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी जो गंभीर बीमारियों के शिकार हैं।

    भारत सरकार का लक्ष्य जुलाई 2021 तक 30 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन देने का है। इसे विश्व का 'सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान' भी कहा जा रहा है। भारत में कोविड-19 के एक्टिव मामलों में तेजी से कमी आई है। यह संख्या 2,31,036 रह गई है, जो अभी तक के कुल संक्रमितों का 'महज' 2.23 फीसदी है।

    कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के लिए निम्नलिखित में से कोई भी एक डॉक्यूमेंट दिखाना होगा।

    आधार कार्ड,  ड्राइविंग लाइसेंस,  हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड,  बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक

    पासपोर्ट,    पेंशन डॉक्यूमेंट,  केंद्र, राज्य व पीएयू कर्मचारियों का आई कार्ड,  वोटर आईडी

    कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी लाभार्थियों का ब्यौरा को-विन (Co-WIN)कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम ऐप पर अपलोड हो। ऐसे में आपको इस ऐप पर रजिस्टर कराना होगा। हेल्थ वर्कर्स और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को खुद को रजिस्टर्ड कराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनका डाटा बड़े पैमाने पर को-विन वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम में फीड है।

    कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि सरकार निशुल्क टीकाकरण के लिए टीके का खर्च वहन करेगी। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार के लिए, कोविड वैक्सीन प्रति डोज 3 से 4 डॉलर होगी। प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगाई जाएंगी। इसलिए 6 डॉलर (440 रुपये प्रति व्यक्ति) की वैक्सीन पड़ेगी। हालांकि पूनावाला ने कहा कि बाजार में इसकी कीमत लगभग 700-800 रुपये होगी।

    ऐसा नहीं है। कोरोना वैक्सीन लगवाना पूरी तरह से आपकी मर्जी पर निर्भर है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि खुद की सुरक्षा के लिए वैक्सीन की पूरी डोज लेना जरूरी है। इसकी वजह है कि इस बीमारी का संक्रमण एक व्यक्ति से उसके परिवार के सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदारों और काम करने वाले सहयोगियों में ना हो।

    हां, अभी तक सिर्फ दो वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दी गई हैं। लेकिन अभी कई कंपनियां वैक्सीन पर काम कर रही हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब से तीन से चार महीने बाद अन्य टीके भी उपलब्ध होंगे और तब भंडार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि तब वैक्सीनेशन प्रोग्राम में अधिक तेजी लायी जा सकती है।

    सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) अब तक ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका कोविड-19 टीके की करीब पांच करोड़ खुराक का उत्पादन कर चुकी है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि उसका लक्ष्य मार्च तक 10 करोड़ खुराक के उत्पादन का है। अगर मामलों में बढ़ोतरी होगी तो देश में वैक्सीन के बड़े डोज की जरूरत होगी।

    सरकार की तरफ से प्रायोरिटी ग्रुप का चयन किया गया है। यदि आप उस प्रायोरिटी ग्रुप में शामिल हैं तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिये आपको सूचना दी जाएगी। इसके साथ ही यह बताया जाएगा कि आपको वैक्सीन कहां दी जाएगी। इसके अलावा आपको।