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महिला हिंसा के विरूद्ध 16 दिवसीय अभियान समाप्त हुआ

महिला हिंसा के विरूद्ध 16 दिवसीय अभियान समाप्त हुआ

सक्ती डभरा:-  निवेदिता फाउन्डेशन द्वारा आक्सफाम  इंडिया  पाल हेमलीन फाउंडेशन कासा चाईल्ड लाइन के सहयोग से महिला हिंसा के विरूद्ध 16 दिवसीय अभियान के तहत् 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक ब्लाक  डभरा  क्षेत्र के 20 ग्रामों  में  कोमो, सराईपाली, कंवली, केकराभा, शंकरपाली, केनापाली, अकोलजमोरा, केकराभाठ  सहित कई गांवों में करीब पांच हजार लोगों तक आउटरीच, ग्रामीण महिलाओं का बैठक और प्रशिक्षण आयोजित कर पहुंचा गया 

इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को जागरूक करने का मुख्य उदेश्य था कि हक, सम्मान के प्रति जागरूक हों और अपने साथ होने वाले हिंसा के विरूद्ध सशक्त हो सकें इस  जागरूकता में पहला चर्चा का विषय रहा कि लड़कियों के लिए विवाह की वैधानिक उम्र को 18 से बढ़ा कर 21 वर्ष करना किशोर किशोरी और युवाओं से चर्चा करने पर युवा संगठन के भरत बर्मन, संजय लहरे, ने कहा कि यदि लड़कियों की विवाह की उम्र 21 वर्ष कर दी जाती है तो ज्यादातर लड़के जेल में होंगें क्यों कि शारीरिक संबंध को एक अपराध के रूप में माना जायेगा और युवाओं को अपने नीजि इच्छाओं को दबाना पड़ेगा । बाल विवाह बंद नहीं होगें बल्कि और बढ़ेंगें सरकार को लड़कियों की उम्र बढ़ाने के बजाय लड़कियों और महिलाओं को सशक्त करने वाले कानून और योजनाओं को सक्रिय और प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करना चाहिए ।  


ग्रामीण महिलाओं ने, कोविड.19 के दौरान लड़कियों और महिलाओं के साथ बढ़ती हिंसा का कारण पूछे जाने पर कहा कि कोविड 19 लाॅक डाउन में जिस तरह सरकार ने शराब की दुकानें बंद की थी यह यदि कोविड 19 में पूरी तरह से बंद होती तो महिलाओं के साथ हिंसा कम होती । महिलाओं ने शराब को महिला हिंसा का बड़ा कारण बताया ।  

20 ग्रामों के युवा, किशोर किशोरियों ने  महिला हिंसा के विरुद्ध पोस्टकार्ड अभियान चलाकर  लोगों को जागरूक किया गया  इस बैठक के दौरान सामाजिक  कार्यकर्ता रत्नादेवी ने कहा कि अभी जब विवाह की वैधानिक उम्र 18 साल है लड़के-लड़कियों कानूनी उम्र के पहले ही प्रेम संबंध या एक दूसरे को पसंद कर विवाह कर रहे हैं, या घर छोड़कर चले जा रहे हैं ऐसे में 21 साल तक उन्हें संभाल पाना संभव नहीं होगा।     

10 दिसम्बर को डभरा ब्लाक के केकराभाठ में महिलाओं को महिला हिंसा के बारे में जागरूक किया गया और बच्चों को मानव अधिकार दिवस पर उनके बाल अधिकार और महिलाओं को उनके आर्थिक रूप से सशक्त होने के अधिकार से संबंधित विषय पर जागरूक कर महिला हिंसा के विरूद्ध 16 दिवसीय अभियान का समापन किया गया  इस अभियान में संस्था के जयंत यादव, तारा प्रसाद बारिक, सरिता धीरही, सुनिता महंत, कृतिका चैहान, यकलेष कुमार, कामिनी धर्मा और निवेदिता फाउन्डेशन के डायरेक्टर सिप्रा देवी शामिल रहे।