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मास्क नहीं लगाने वालों से जुर्माना वसुलने की आड़ में पुलिस कर्मी भर रहा अपनी जेब

मास्क नहीं लगाने वालों से जुर्माना वसुलने की आड़ में पुलिस कर्मी भर रहा अपनी जेब


सक्ती। नगर में इन दिनों करोना  आपदा के चलते बड़े जोर से पुलिस द्वारा मौके का फायदा उठाते हुए वसूली में लगे हुए हैं पूरे प्रदेश मे कोरोना महामारी संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाना जरूरी किया गया है और नहीं लगाने वालों पर छतीसगढ़ महामारी अधिनियम के तहत 500 रुपए का जुर्माना लगाने के लिए आदेश पारित किया है।
जुर्माना के आदेश के बाद से ही नगर में प्रशासन द्वारा चौक चौराहों पर मास्क चेकिंग कर जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं 6 अप्रैल को शाम पुलिस विभाग द्वारा थाने के सामने जिसमे  सहायक उपनिरीक्षक के अगुवाई में चेकिंग अभियान चल रहा था, जिसमें सरकार को चुना लगाते हुए आपदा  के नाम पर कमाई का जरिया बना लिया गया है और 500 रुपए की जगह लोगों से 200 और 300 रुपए लिए जा रहें है और इसकी लोगों को रसीद भी नहीं दी गई। एक पुलिस कर्मचारी के द्वारा नाम ना छापने की शर्त में बताया कि एक एस आई सर के द्वारा खानापूर्ति के लिए 8 से 10 लोगों का चालान काटा गया, बाकी करीब 80 से 90 लोगों से 200 और 300 रुपए लेकर बिना रसीद दिए उन्हें चलता कर दिया गया। चूंकि कोरोना महामारी के चलते अधिकतर लोगों के पास से 500 रुपए भी नहीं होता है या कई लोग 500 रुपए में कुछ कम करा लें कहकर 200 सौ से 300 सौ रुपए दे कर अपना कुछ पैसा बचा लेते हैं, जिसका पूरा फायदा  सहायक उपनिरीक्षक के द्वारा उठाया गया। इस कार्रवाई से जहां एस आई की जेब भरी वहीं सरकार को हजारों रुपए का नुकसान भी हुआ और लोग जो पैसा दिए वह भी सिर्फ उन्ही के काम आया। जबकि 200 सौ से 300 रुपए देने वाले व्यक्तियों का नाम लिखकर उन्हें रसीद बनाकर देना चाहिए था परंतु उन्होंने ऐसा ना कर 200 से 300 रुपए अपने जेब में डाल लिए कोरोना जैसे आपदा को ए एसआई द्वारा अपनी कमाई का जरिया बनाया यह समझ से परे है।

इस संबंध में नगर निरीक्षक रविंद्र आनंद ने बताया 6 अप्रैल को 8 लोगों के ऊपर कार्रवाई की है और 4000 रुपए की वसूली की गई है 200 से 300 रुपए लेकर रसीद नहीं दी गई है इस तरह की शिकायतें आई है उसे मैं संज्ञान में लेकर जांच करा ता हूं जो भी जैसा होगा उसके खिलाफ अनुशंसाआत्मक कार्रवाई की जाएगी ।