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इंद्रावती बचाओ अभियान एवं वन विभाग का जगदलपुर प्रवेश द्वार पर विशेष चंपा वृक्ष पौधरोपण

इंद्रावती बचाओ अभियान एवं वन विभाग का जगदलपुर प्रवेश द्वार पर विशेष चंपा वृक्ष पौधरोपण

जगदलपुर, 29 जून। नगर के  प्रवेश द्वार कुम्हडाकोट के वन भूमि में  इंद्रावती बचाओ अभियान एवं वन विभाग के सयुक्त सौजन्य से  चंपा पौधे लगाए गए आज के पौधरोपण आयोजन में  पदमश्री धर्मपाल सैनी जी सुश्री स्टायलो मंडावी जी (भा.व.सेवा ) नगर निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल, सुषमा जे नेताम (उवन) , देवेन वर्मा (परी.वन ) इंद्रावती बचाओ अभियान से संपत झा दशरथ कश्यप डाँ सतीश जैन रमेश श्रीवास्तव टीके शर्मा प्रमोद मोतीवाला  मनीष मूलचंदानी कोटेश्वर नायडू सुनील खेडुलकर डॉ मूर्ति  सुनील पांडे वीरेंद्र महापात्र धर्मेंद्र सिंह चौहान मयंक उमर वैश्य सुश्री उर्मिला आचार्य लक्ष्मी कश्यप ,गाजिया अंजुम  जयश्री, सुनीता उमरवैश्य ,ज्योति गर्ग, सुषमा झा, सहित अन्य सभी सदस्य ने पौधरोपण किया ।

आज के आयोजन में पदमश्री धर्मपाल सैनी जी ने शासन से अपील किया कि नगर में ऑक्सिन पौधे की आवश्यकता है कम से कम हर वार्ड में नीम मौलश्री जामुन आम स्थानीय प्रजातियो के  100 -100 पौधे लगने चाहिए जिससे हमारा नगर का वातावरण अच्छा रहेगा ,सुश्री स्टायलो मंडावी जी ने अपने उद्बोधन में बताया वन विभाग के नर्सरी में स्थानीय सहित अच्छे  आक्सी पौधे उपलब्ध है साथ ही  वृक्षरोपण की सफलता समाज के हर वर्ग को जुड़ने से और हर व्यक्ति के द्वारा एक पौधे भी लगाकर देखरेख किया जाए तो जगदलपुर को ऑक्सिजोन में बदलते समय नही लगेगा। 

 प्रेम कुमार पटेल ने अपील करते हुए  शहर में हर व्यक्ति एक  पौधे लगाकर  भी देखभाल करे एवं कचरा भी इधर उधर न फेके तो  शहर स्वच्छ एवं शुद्ध हवा मिलेगा शहर स्वस्थ रहेगा निगम द्वारा वर्मी  कम्पोस्ट खाद भी उपलब्ध करवाया  है जिसे पौधे के लिए उपयुक्त बताया ,संपत झा ने बताया कि  आज के पौधरोपण में चंपा पेड़ लगाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला वास्तु शास्त्र में चंपा पेड़ का विशेष स्थान है ,चंपा का वृक्ष वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य एवं समृद्धि का प्रतिक माना गया है  वातावरण शुद्व होता है सकारात्मकता बनी रहती है  इसके लिये नगर के प्रवेश द्वार बेहतर स्थान है ,इस बात को ध्यान में रखकर विशेष आज के चंपा पौधरोपण में सभी सदस्यो के द्वारा चंपा के पौधे लगाए गए साथ ही आज के लगाए पौधे की देखरेख उचित होती है तो 2,से 3 सालो में चंपा के पौधों में फूल आने लगेंगे , पौधरोपण के बाद देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग द्वारा ली गयी ।