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ब्रेकिंग : फर्जी कोविड सेंटर मामले में टिवस्ट..आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता अपने आरोप से मुकरे..पोस्ट डालकर कहा, 'सेंटर चालू है..10 आक्सीजन बेड भी उपलब्ध हैं..इलाज करा सकते हैं.

ब्रेकिंग : फर्जी कोविड सेंटर मामले में टिवस्ट..आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता अपने आरोप से मुकरे..पोस्ट डालकर कहा, 'सेंटर चालू है..10 आक्सीजन बेड भी उपलब्ध हैं..इलाज करा सकते हैं.

जनधारा समाचार
रायपुर. जांजगीर चांपा जिले में तथाकथित फर्जी कोविड सेंटर का उदघाटन कराने का मामला चौबीस घण्टे में ही फुस्स हो गया. कलेक्टर पर मुख्यमंत्री से फर्जी कोविड सेंटर का उदघाटन कराने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता गोविंद केशरवानी ने एक पोस्ट करके कहा है कि 10 आक्सीजन बेड वाला कोविड सेंटर चालू है, आप संपर्क करके इलाज करा सकते हैं.

जानते चलें कि कल ही कांग्रेस नेता और नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष भुनेश्वर केशरवानी ने एक टिवट करते हुए कटाक्ष किया था कि फर्जी सेंटर का उदघाटन कराते आपको लज्जा नही आई. उन्होंने कहा कि मैं नवागढ़ कोविड केयर सेंटर को दीया लेकर कल से ढूंढ़ रहा हूं जो मिल नही रहा. किसी को मिले तो बताने की कृपा करेंगे ताकि मैं उसका पता मेरे क्षेत्रवासियों को दूं. उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकार को बदनाम करने की साजिश रख रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलने के बाद प्रशासन की किरकिरी हो रही है.

इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया में सुर्खियां बन गया. कलेक्टर यशवंत कुमार को भी इस मामले में घेरने की कोशिश की गई. आरोप लगाया कि असली कमीशन के खिलाड़ी जांजगीर कलेकटर यशवंत कुमार निकले. फाइल में कोविड सेंटर बनाकर बकायदा मुख्यमंत्री से उदघाटन भी करा लिया. अब बेचारे कांग्रेसी दीया लेकर कोविड सेंटर को खोज रहे हैं.

कांग्रेस नेता कहीं और चाहते थे कोविड सेंटर

एक अन्य घटनाक्रम में यह पूरा मामला सीएम हाउस के वरिष्ठ अधिकारी के पास पहुंचा. चूंकि मामला मुख्यमंत्री से उदघाटन कराने से जुड़ा है और गंभीर आरोप कांग्रेसियों ने ही लगाए इसलिए सरकार इसे लेकर गंभीर थी. पतासाजी की गई तो मालूम चला कि सारा विवाद अपनी मर्जी के स्थान पर कोविड सेंटर खोलने का था. कांग्रेस नेता जहां सेंटर खोलना चाहते थे, वह जगह काफी दूर थी और वहां संसाधन भी नही थे. जबकि कलेक्टर यशवंत कुमार शहर के नजदीक नगर पंचायत भवन में ही सर्वसुविधा के साथ सेंटर खोलना चाहते थे. कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और मामला विवादित हो गया. बहरहाल अभी तो विवाद शांत हो गया है.