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साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ कनौजिया श्रीवास समाज द्वारा कवि सम्मेलन संपन्न

 साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ कनौजिया श्रीवास समाज द्वारा कवि सम्मेलन संपन्न

सक्ती। कनौजिया श्रीवास समाज  साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ के तत्वधान में कवि सम्मेलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ यह कार्यक्रम राम रतन श्रीवास की अध्यक्षता में की गई कार्यक्रम के प्रारंभ में मांँ वीणापाणी को नमन करते हुए मेनका श्रीवास ने बहुत ही सुरीली आवाज में  वंदना की । इस कार्यक्रम के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ एवं कोरबा क्षेत्र के जाने-माने साहित्यकार, लेखक एवं कवि डॉक्टर माणिक विश्वकर्मा नवरंग , विशिष्ट अतिथि जनाब युसूफ दानियाल पुरी , पंडित मुकुटधर पांडे साहित्य भवन के अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल  ,अंजना ठाकुर, गीता विश्वकर्मा "नेह", गायत्री शर्मा "प्रीत" जेपी श्रीवास्तव की गरिमामई उपस्थिति रही। इस साहित्यिक मंच के संस्थापक एवं संयोजक इंजीनियर रमाकांत श्रीवास ने अपने उद्बोधन में कहा की साहित्य और समाज को बढ़ाने के लिए इस मंच का निर्माण किया गया है जो एक नई दिशा एवं आयाम स्थापित करेगा। कोरबा में स्थित श्रीवास समाज अंजनी कुंज के अध्यक्ष मोहन लाल श्रीवास ने कहा साहित्य समाज का दर्पण होता है, निश्चित ही यह हमारे समाज के लिए गौरव की बात है ।हमने जो सपने अस्सी के दशक में देखे थे वह आज पूरे होते हुए नजर आ रहा है। मुख्य अतिथि डॉक्टर माणिक विश्वकर्मा "नवरंग" जी ने कहा यह समाज का पहला कवि सम्मेलन साहित्य और समाज के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए निश्चित ही सफलता प्राप्त करेगा। मैं इस समाज को हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूंँ।  विशिष्ट अतिथि जनाब युसूफ दानियाल पुरी ने अपने साहित्यिक अंदाज में कहा इस समाज के प्रबुद्ध वर्गों को मुबारकबाद देते हुए इसे ऐतिहासिक पल बताया ।

 इस मंच के सह संस्थापक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं राम रतन श्रीवास ने इस साहित्यिक मंच के निर्माण से लेकर अभी तक के सारे कार्यक्रमों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया और इसे संघर्ष से सफलता की ओर अग्रेषित होते  हुए जो आज मुकाम प्राप्त हुई है समाज को नई राह ,नई विचार ,नई ऊर्जा देने का प्रयास उन्होंने किया और आगे उन्होंने कहा राष्ट्र का विकास के लिए समाज का महत्वपूर्ण भूमिका होता है। मार्मिक उद्बोधन दिल को छूने वाली समाज के अनछुए पहलुओं को उन्होंने आज व्यक्ति किया। यह ऐतिहासिक पल श्रीवास समाज के लिए स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में इस मंच के महासचिव डॉ हितेंद्र श्रीवास ने अतिथियों के स्वागत की कड़ी और उद्बोधन को संचालित किया। तत्पश्चात कवि सम्मेलन का आगाज करते हुए मंच का बागडोर संचालन इंजीनियर रमाकांत ने संभाला । इस कार्यक्रम में कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच की ओर से कवि के रूप में श्री राम रतन  श्रीवास , संतोष कुमार श्रीवास ,रविशंकर श्रीवास ,हितेंद्र श्रीवास एवं रमाकांत श्रीवास जी द्वारा काव्य पाठ की प्रस्तुति दी गई ।इस कार्यक्रम में व्यास नारायण श्रीवास ,शत्रुघ्न श्रीवास ,राधारमण श्रीवास ,मनीराम श्रीवास ,लक्ष्मण श्रीवास ,संतोष श्रीवास , रवि शंकर श्रीवास ,आशा आजाद , किरण , द्रौपदी साहू ,प्रभात शर्मा, बलराम राठौर  ,शिवकुमार साहू , जितेंद्र वर्मा ,निर्मला शर्मा , जलबाई साहू , सीयाबाई  एवं बिलासपुर ,कोरबा ,रायगढ़ जिला से आए हुए भारी संख्या मैं लोगों की उपस्थिति रही लोगों के वाह वाह से मंच दर्शक दीर्घा गुंजायमान हो उठाता ।  अंत में कार्यक्रम के आभार के लिए कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राम रतन श्रीवास ने सभी आगंतुक मंच में उपस्थित अतिथियों एवं कवियों को, साथ ही दर्शक दीर्घा जिन्होंने अपना बहुमूल्य समय देकर उपस्थित हुए। सभी के जीवन में खुशहाली हो ,सभी स्वस्थ रहे, एक दूजे का साथ सदैव निभाते रहे ,सबका साथ ,सबका विकास ,सबका विश्वास के साथ पुनः मिलने की आशा और विश्वास ।आप सभी को आने वाला दशहरा एवं दीपावली की अग्रिम बधाई इस साहित्यिक मंच की ओर से प्रेषित किया और आभार प्रकट किया। इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ हितेंद्र श्रीवास एवं इंजीनियर रमाकांत श्रीवास ने बहुत ही शानदार खुशनुमा अंदाज में मंच का संचालन किया ।