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राज्य में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए उमड़ रही है भीड़, संक्रमण का बढ़ा खतरा

राज्य में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए उमड़ रही है भीड़, संक्रमण का बढ़ा खतरा


श्रीनगर।  जम्मू-कश्मीर में कोरोना वैक्सीनेशन में आयी तेज़ी और लोगों के उत्साह के चलते अब बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लेने लगे हैं. लेकिन वैक्सीन की कमी के चलते यह उत्साह खतरे की घंटी भी बजा रहा है. सरकार की तरफ से 18 साल की उम्र से ज्यादा के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन खोलने के बाद वैक्सीन की आपूर्ति में कमी आयी है. अब वैक्सीनेशन सेंटर पर बढ़ी भीड़ की वजह से वैक्सीनेशन सेंटर खुद 'कोरोना हॉटस्पॉट' बनते दिख रहे हैं.

श्रीनगर में सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की बड़ी भीड़ जमा होने लगी है. श्रीनगर में 45 से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर में 45 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है. लेकिन 18-44 साल की उम्र के लिए सिर्फ 13 सेंटर बनाये गए हैं. जिसके चलते यहां भीड़ भी ज्यादा हो रही है. ज्यादातर सेंटर में वैक्सीन के साथ-साथ कोरोना के लिए टेस्टिंग भी हो रही है जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है.

सूत्रों के अनुसार वैक्सीन आपूर्ति में आयी कमी के चलते 18-44 साल के लोगों के लिए इस समय सिर्फ 70 हज़ार वैक्सीन प्रति हफ्ते आ रही है. हर सेंटर में प्रति दिन सिर्फ 200 लोगों को वैक्सीन लगाने का इंतज़ाम है. श्रीनगर के सेंटर पर आने वाले 65 साल के अब्दुल समद का पांच दिन बाद आधार कार्ड यह कह कर लौटाया गया कि वैक्सीन ख़त्म हो गई है. 

वैक्सीन सेंटर में वैक्सीन के लिए मारा मारी मचा हुई है

ऐसे में कोविन ऐप पर रजिस्टर करने के बावजूद भी बहुत सारे लोगों को सेंटर पर पहुंचे पर वैक्सीन नहीं मिल रहा है और लोगों को कई दिनों तक लगातार सेंटर पर आना पड़ रहा है जिससे भीड़ बढ़ने लगी है. प्रशासन ने अब 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए मोबाइल वैक्सीन वैन चलने का फैसला किया है और पूरे शहर के लिए 10 वैन नियुक्त किये है. डायरेक्टर हेल्थ डॉ मुश्ताक़ राथर  के अनुसार इन वैन के ज़रिये ऐसे 'हॉटस्पॉट्स' में लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा जहां से बड़ी संख्या में संक्रमण के केस सामने आये है. 45 साल से ज्यादा उम्र के लिए पंजीकरण ज़रूरी नहीं है इसी लिए वैन ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा सकेगी.

लेकिन फिलहाल श्रीनगर के सभी वैक्सीन सेंटर में वैक्सीन के लिए मारा मारी मचा हुई है. लोगों की बढ़ती भीड़ और कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच यह सेंटर बचाव के बदले लोगों को और ज्यादा खतरा बांटते दिख रहे हैं.