breaking news New

निगम प्रशासन की लापरवाही का खामियाज़ा भुगतना नगरवासियों की मज़बूरी : शिवसेना

निगम प्रशासन की लापरवाही का खामियाज़ा भुगतना नगरवासियों की मज़बूरी : शिवसेना

जगदलपुर । जगदलपुर नगर पालिक निगम प्रशासन की लापरवाही का खामियाज़ा नगरवासियों को भुगतना उनकी मज़बूरी सी बन गई है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि नगर पालिका परिषद से नगर निगम की उपाधि मिलने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों राष्ट्रीय दलों के महापौर और पार्षदो को नगर के लोगों ने चुनावों में अवसर दिया। भाजपा से श्रीमती गीतेश मल और किरण देव के नेतृत्व में तथा कांग्रेस से जतिन जायसवाल और अब सफ़िरा साहू के नेतृत्व में आम जनता ने कुर्सी दोनों राष्ट्रीय दलों को इस विश्वास के साथ सौंपा कि नगर को ये लोग धुलमुक्त कराएंगे। लेकिन उस विश्वास का अब आम नागरिकों को खामियाज़ा धूल ख़ाकर चुकाना पड़ रहा है।


उन्होंने कहा कि बेतरतीब निर्माण कार्य व बिना किसी प्लानिंग के कहीं भी सड़क की खुदाई करना या चौड़ीकरण या संकरीकरण करने की नीति के कारण नगर धूलमुक्त होने के बदले और अधिक धुलयुक्त हो गई है। अब आम नागरिकों को इसका खमियाज़ा मंहगे साबुन, डिटर्जेंट और दवाई ख़रीद कर चुकाना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैकि आम लोग उड़ते धूल के कारण सड़क से गुज़र जाए उनके कपड़े दोबारा पहनने लायक नही रहते। अस्थमा और श्वास रोग के मरीज़ों को दवा का अतिरिक्त ख़र्चा उठाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त नगर के वाहन चालकों की परेशानी अलग है जिस स्थान पर वाहन गुज़र जाए या पार्किंग किया जाए चंद मिनटों में वाहन लरा धूल की परत चढ़ जाती है। अब चार पहिया वाहनों की धुलाई का बाज़र दाम 300 रुपये एक बार की धुलाई है, इस तरह नगर पालिक निगम की लापरवाही का खमियाज़ा आम नागरिक विभिन्न तरह से उठाने मज़बूर हैं।


शिवसेना के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् में चर्चा में कहा कि पूर्व के महापौरों ने जिस तरह नगर की समस्याओं को नज़र अंदाज़ करके अपना कार्यकाल पूरा किया और आज भी उसी वजह से नगर में उनके कार्यकाल की किरकिरी होती है। पिछले एक वर्ष से उसी रास्ते पर चलने वाली वर्तमान महापौर सफ़िरा साहू भी अगर उसी ढ़र्रे पर चलते रही तो नगर धुलमुक्त शायद इस बार भी नही हो पायेगा..?