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फैसला : पब्लिक स्कूल के प्राचार्य को मौत की सजा, सहयोगी टीचर साथी को आजीवन कारावास, दोनों 11 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार करने के आरोपी हैं, न्यायालय ने कहा : प्राचार्य ने अभिभावक और छात्रा का भरोसा तोड़ा'

फैसला : पब्लिक स्कूल के प्राचार्य को मौत की सजा, सहयोगी टीचर साथी को आजीवन कारावास, दोनों 11 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार करने के आरोपी हैं, न्यायालय ने कहा : प्राचार्य ने अभिभावक और छात्रा का भरोसा तोड़ा'

बिहार. पटना की एक अदालत ने एक​ प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल अरविंद कुमार को 2018 में 11 साल की छात्रा के साथ बलात्कार के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है साथ ही एक लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है. इसके साथ ही सह-दोषी अभिषेक कुमार 29 वर्ष को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

एडीजे न्यायाधीश अवधेश कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया. मामला 2018 का है. यहां के एक नामीगिरामी स्कूल में प्राचार्य के रूप में नौकरी कर रहे अरविंद कुमार उर्फ राज सिंघानिया 35 वर्ष और उसके दोस्त अभिषेक कुमार 29 वर्ष पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी 11 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार किया. दोनों उसे उसे कॉपी चेक करने के बहाने बुलाते और क्लासरूप में लगे सोफे पर छात्रा के साथ कई बार बलात्कार किया. यह सिलसिला दो महीने तक चलता रहा.

सह-दोषी अभिषेक कुमार 29 वर्ष

लड़की के अभिभावकों के मुताबिक एक दिन छात्रा जब घर में उल्टी करने लगी तो जांच में उसके गर्भवती होने का पता चला. उसके बाद प्राचार्य और उसके सहयोगी टीचर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली. पीड़ित छात्रा, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर एडीजे न्यायाधीश अवधेश कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया.

न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि दोनों ने मिलकर शिक्षक जैसे पवित्र पेशे को कलंकित किया है. प्राचार्य तो एक संरक्षक की तरह होता है. उसने अपनी बेटी समान छात्रा के साथ यह कुकृत्य किया इसलिए कड़ी से कड़ी सजा देने का संदेश जाना चाहिए. उसके बाद अदालत ने प्राचार्य अरविंद कुमार उर्फ राज सिंघानिया को मौत की सजा सुनाई और एक लाख का जुर्माना भी लगाया. साथ ही उसका साथ देने वाले सहयोगी अभिषेक कुमार 29 वर्ष को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.