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सरपंच संघ के समर्थन में उतरीं ओजस्वी भीमा मंडावी

सरपंच संघ के समर्थन में उतरीं ओजस्वी भीमा मंडावी

अमर्यादित भाषा का पर्याय बन गई है कांग्रेस

दंतेवाड़ा , 22 दिसंबर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी ओजस्वी भीमा मंडावी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के सरपंचों के प्रति धमकी भरे शब्दों को लेकर सरपंच संघ के विरोध का समर्थन किया है। विगत दिनों मजदूरों के पलायन को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा ने सरपंचों से धमकी भरी लिहाज में कठोर शब्दों का प्रयोग किया था। जिला पंचायत अध्यक्ष के शब्दों को लेकर सरपंच संघ ने विरोध जताते हुए माफी मांगने की बात कही थी। 

श्रीमती ओजस्वी भीम मंडावी ने तूलिका कर्मा के उक्त वाक्य को सरपंचों का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षा राज्य के कांग्रेस सरकार के तर्ज पर धमकी भरी भाषा का उपयोग कर रही हैं। श्रीमती ओजस्वी ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षा राज्य की कांग्रेस सरकार की तरह आम जनों को डरा धमका कर दबाव की राजनीति को जिले में संचालित करने का प्रयास कर रहीं हैं। उन्होंने सरपंच संघ का समर्थन करते हुए कहा है कि सरपंच भी चुने हुए जनप्रतिनिधि है उनके प्रति अपमान जनक शब्दों का प्रयोग अनुचित है। जिले के सर्वोच्च पद पर बैठे अध्यक्षा को ये शोभा नही देता। जिला पंचायत अध्यक्षा को सरपंचों से माफी मांगनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि मजदूरों के पलायन के लिए राज्य सरकार दोषी है न कि सरपंच सचिव। उन्होंने कहा कि सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष कोपा कुंजाम ने जो बातें प्रेस के माध्यम से कहीं है उसमें पूरी सच्चाई है पंचायतों के कार्यों का भुगतान लंबे समय से विलम्ब हैं। जिले के कई ग्राम पंचायतों के भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित हैं। जिससे मजदूरों की मजदूरी भुगतान नही हो पा रही है, नए कार्य स्वीकृत नही हो रहें हैं। ऐसे में सरपंच मजदूरों का पलायन कैसे रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने  सरपंचों को धमकी देकर दबाव बनाना न्याय संगत नही है। श्रीमती मंडावी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार अपने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करवा रही है। इस सरकार में ग्राम सरपंच, किसान, कर्मचारी, आम जन सभी को डराने का ही काम चल रहा है। कांग्रेस डराने की राजनीति छोड़ कर विकास के कार्यों पर ध्यान दे तो ज्यादा अच्छा होगा।