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7 ग्रामीणों को नक्सलियों ने अंतिम चेतावनी देकर रिहा किया

7 ग्रामीणों को नक्सलियों ने अंतिम चेतावनी देकर रिहा किया

सुकमा। जिले के कुंदेड़ गांव के 07 युवकों के साथ गांव के ग्रामीणों को नक्सलियों ने मुखबीर का आरोप लगाते हुए अपहरण कर लिया था। अपह्रित युवकों सहित ग्रामीणों को नक्सलियों ने अंतिम चेतावनी देकर रिहा कर दिया है। कल रात सभी ग्रामीण और 07 युवक अपने गांव कुंदेड़ पहुंच गये। सकुशल घर लौटने के बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी। नक्सलियों द्वारा जिन 07 ग्रामीण युवकों को अगवा किया गया था, उनमें उईका सन्नु, उईका प्रकाश, उईका रामलाल, कारम हिरा, उईका मुकेश, तेलम प्रभात एवं उईका मुड़ा शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कुंदेड़ के 07 युवकों को 18 जुलाई को नक्सलियों ने अगवा कर लिया, 19 जुलाई को पूरे मामले की जानकारी कोया कुटमा समाज के जिलाध्यक्ष गणेश माड़वी तक ग्रामीणों के माध्यम से पहुंची थी, जिसके बाद सर्व आदीवासी समाज ने भी नक्सलियों से युवकों को सकुशल रिहाई की अपील किया था।  कुंदेड़ गांव के सात युवकों को नक्सलियों ने अगवा करने के बाद 14 परिजन व अन्य ग्रामीण युवकों की रिहाई के लिए जंगल की ओर रवाना हो गए, बीस जुलाई को जब रिहाई कराने निकले परिजन और ग्रामीण भी वापस नहीं लौटे तो अपहरण का मामला प्रकाश में आया, जिसके बाद पुलिस को भी इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस पूरे मामले की तस्दीक में जुट गई वहीं मंगलवार को उन 14 ग्रामीणों में से दो ग्रामीणों को नक्सलियों ने ग्राम कुंदेड़ भेजा इस बार नक्सलियों ने 13 लोगों का नाम भी उन दोनों ग्रामीणों को सौंपा और उन्हें भी अपने इलाके में बुलाया जिसके बाद जंगल से गांव पहुंचे दो ग्रामीणों द्वारा 13 ग्रामीणों को नक्सलियों के पास ले जाया गया, सात अगवा ग्रामीण युवकों के अलावा नक्सलियों के पास कुल गांव के 27 ग्रामीण थे। जिनमें से 13 को नक्सलियों ने 19 जुलाई को बुलाया, जबकी बाकी 14 उन सात युवकों को अगवा करने के बाद उनकी रिहाई के लिए निकले थे।
आदिवासी समाज एवं गांव के लोगों ने भी नक्सलियों से ग्रामीणों की रिहाई की मांग की थी। जिसके बाद नक्सलियों ने ग्राम तोलावर्ती इलाके में जनअदालत लगाकर सभी को अंतिम मौका देकर रिहा कर दिया गया है। नक्सलियों ने चेतावनी दी है ?कि अगर वे पुलिस से बात करेंगे तो मारे जाएंगे। सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने कहा की जगरगुंडा के कुंदेड़ गांव के सात लोगों को नक्सलियों द्वारा ले जाने की सूचना के बाद गांव के सरपंच पटेल सहित अन्य ग्रामीण भी रिहाई के लिए निकले थे। एसपी ने कहा की नक्सली स्थानीय ग्रामीणों को सता रहे हैं, कैम्प का विरोध करने के लिए ग्रामीणों पर नक्सली जबरन दबाव बना रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण नक्सलियों का साथ देना नहीं चाहते हैं, जिसके कारण परेशान नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों पर दबाव बनाने इस तरह की करतूतें कर रहे हैं।