breaking news New

बैंक कर्मियों के रवैये से खाताधारकों को परेशानी

बैंक कर्मियों के रवैये से खाताधारकों को परेशानी


जांजगीर चाम्पा। बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों के असहयोगात्मक रवैये के चलते खाताधारक परेशान हैं। खाताधारकों को बैंक में पैसा जमा करने व निकालने के लिए काफी देर तक बैंक में बैठा दिया जाता है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है । यहां उनकी बारी आने पर बैंक कर्मी बताते हैं कि यह फार्म नहीं दूसरा फार्म भरो, तब पैसा निकल पाएगा।
बैंक कर्मियों के असहयोग से परेशान हो रहे खाताधारक
बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों के असहयोगात्मक रवैये के चलते खाताधारकर परेशान हैं। ऐसे में ग्रामीण खाताधारक परेशान होते हैं। नगर से करीब 25-30 किमी दूर ग्रामीण इलाके से आए खाताधारकों की बैंक में समस्याएं सुलझाने के बजाय उलझाया जा रहा है। मुख्य रूप से यह समस्या जैजैपुर मुख्यालय में संचालित एचडीएफसी बैंक  में देखने को मिलती है।
पार्किंग की सुविधा नहीं
ब्लाक मुख्यालय में संचालित किसी भी बैंक में सार्वजनिक शौचालय तथा वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को दो पहिया, चार पहिया वाहन खुले स्थान में रखना पड़ता है। यहां वाहन से पेट्रोल तथा आवश्यक दस्तावेज चोरी होने की आशंका बनी रहती है। वर्तमान बैंक उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए भएचडीएफसी के शाखा परिसरों में पैसा जमा करने के लिए एटीएम के अलावा कोई भी सीडीएम मशीन, पैसा निकालने के लिए तथा पासबुक में लेनदेन दर्ज करने आधुनिक मशीनें नही लगाई गई है। लेकिन बैंक प्रबंधक द्वारा मशीन कक्षा में एक भी कर्मचारी की नियमित व्यवस्था नहीं की गई है और रात में एटीएम मशीन को बंद कर दिया जाता है खाताधारकों को रात में राशि निकालने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है मानो की किसी के घर असागणक तबियत बिगड़ जाने या जरूरी काम आने पर राशि के लिए रातभर भारी मकसत करना पड़ता है जिसके कारण  खाताधारक परेशान रहते हैं।
किसी का खाता खोलने के लिए बैंक कर्मचारी घर घर जाकर प्रलोभन दिया जाता है इनके प्रलोभन में आकर भोलेभाले किसान इनके बहकावे में आकर हामी बोलकर अपना पेन कार्ड आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज को दे दिया जाता है उसके बाद तीन माह तक घुमाया जाता है और अंत मे किसी न किसी बहाना कर खाता नही खोला जाता है और आसानी से बोल दिया जाता है कि आपकी दस्तावेज ले जा सकते है आपके नाम सिस्टर में नहीं ले रहा है अगर खाता ही नही खोलना रहता है तो महीनों तक क्यो घुमाया जाता है जो समझ से परे हुए है और भी आपको बता दे कि लोन लेने की भी प्रलोभन दिया जाता है जिसमे डस्ट दस्तावेजों की फोटोकॉपी में हजारों रुपये खर्च करा कर लोन नही दिया जाता है। इसी बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों की रवैया से क्षेत्र के अधिकांश खाताधारक खासा परेशानी का सामना कर रहे हैं। इनकी हरकतों में सुधार नही आया तो कभी ने उग्र आंदोलन हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्र से बैंक आने वाले उपभोक्ता जिनको नेटवर्क आदि की जानकारी नहीं होती वे अगर किसी कर्मी से पूछताछ करते हैं तो उनको सही जवाब नहीं दिया जाता है।