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विशेष अदालत ने जारी किया सरपंच प्रतिनिधि समेत छह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

विशेष अदालत ने जारी किया सरपंच प्रतिनिधि समेत छह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

हिसार।   भाटला सामाजिक बहिष्कार मामले में हिसार की एक विशेष अदालत ने एक सरपंच प्रतिनिधि समेत छह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये हैं।

अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत के जज अजय तेवतिया ने सामाजिक बहिष्कार के आरोपी सरपंच प्रतिनिधि पुनीत कुमार, रामचंद्र, राम सिंह, जयकिशन, लीला व सुमेरू पंडित के गिरफ्तारी वारंट जारी किए है।

सामाजिक बहिष्कार के पीड़ितों के अधिवक्ता रजत कलसन ने बताया कि 10 जुलाई 2017 को सरपंच समेत 7 लोगों के खिलाफ भाटला के दलितों का सामाजिक बहिष्कार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद एक आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित हुई थी। श्री कलसन ने बताया कि टीम केवल एक आरोपी चंद्र फौजी को आरोपी बना कर अदालत में चालान दे दिया था तथा सरपंच प्रतिनिधि पुनीत कुमार समेत बाकी सभी छह आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ खिलाफ पीड़ित पक्ष ने तत्कालीन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत याचिका दायर कर उन्हें आरोपी बनाकर अदालत में तलब करने का अनुरोध किया था, जिस पर अदालत ने सरपंच प्रतिनिधि समेत छह लोगों को आरोपी मानते हुए उन्हें समन जारी किए थे। इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि समेत छह आरोपियों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में खुद को तलब किए जाने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ एक रिवीजन पिटिशन दायर की थी जिसमें पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केवल एक तारीख के लिए रोक लगा दी थी। उसके बाद से कोरोना के कारण उक्त मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई तथा उक्त आदेश ही चला आ रहा था।

श्री कलसन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए 21 जुलाई 2021 को आदेश पारित कर कहा था कि जिन मामलों में हाईकोर्ट ने स्टे जारी किए हैं वह स्टे छह महीने के बाद प्रभावी नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद पिछली छह अगस्त को भाटला समाजिक बहिष्कार मामले में हिसार की अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत में सुनवाई हुई जिसमें उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि धारा 319 के तहत तलब किए गए आरोपियों के जरिये हाईकोर्ट से हासिल स्टे केवल एक तारीख पेशी के लिए था तथा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार अब उक्त स्टे प्रभावी नहीं है। जिसके बाद विशेष अदालत ने सरपंच प्रतिनिधि पुनीत कुमार समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी वारंट जारी किये।

अदालत ने गिरफ्तारी वारंट व हांसी एसपी को निर्देश कर जारी किए हैं। अब अगली तारीख 24 सितंबर से पहले पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करना होगा।